आमला। जहां एक ओर खेती में लागत अधिक बढ़ने से किसान अपना सब कुछ दाव पर लगाकर खेती करता है की फसल आने पर सबके कर्ज चुकता कर देगा वही किसान के सभी सपने पर पानी फेर दिया गया बता दें बीते 2 दिन से लगातार बारिश एवं चक्रवाती हवा चलने के कारण किसान के खेतों में खड़ी फसल मक्का टूट कर गिर चुकी है एवं गन्ने को मजबूत फसल के रूप में देखा जाता है पर इस वर्ष गन्ना भी पूरी तरह से गिर कर नीचे सोते नजर आ रहा है इस वर्ष अधिक बरसात होने एवं साथ में अधिक हवा चलने की वजह से गन्ने को बेहद नुकसान हुआ है। फिर भी किसान भाइयों ने नई तकनीक से गन्ने को बांध कर रखा था जिससे कि गन्ना नहीं गिरेगा पर प्रकृति के आगे सब बेबस है।
ग्राम बोरी खुर्द के किसान मधु यादव ने बताया कि मेरे खेत में लगी 4 एकड़ मैं पूरी तरह से गन्ना गिर चुका है जिस पर मुझे उत्पादन का कुल कीमत से 40% का नुकसान हुआ है वही कैहलपुर निवासी किसान हरिनारायण चौरसिया बताते हैं कि हमारे गांव में भी मक्का एवं गन्ने की फसल गिर चुकी है जिससे उत्पादन बहुत कम होगा इस वर्ष अभी तक सभी फसलें बहुत अच्छी स्वस्थ एवं मजबूत थी जिससे उत्पादन बहुत ज्यादा होने की संभावना थी पर यह अत्यधिक बरसात के कारण सब चौपट हो गया है ग्राम देलवाड़ा के किसान सुनील शोभाराम यदुवंशी ने भी यह यही पीड़ा बताते हुए अपनी व्यथा सुनाई है ।
आस केवल सरकार से जमदेहि खुर्द के उन्नत कृषक सुरेश यादव ने बताया कि सरकार किसानों की चौपट हुई फसल का सही आकलन कर उचित मुआवजा देकर किसानों को राहत पहुंचाने का काम करें ।ग्राम जम्बाड़ा,जम्बाड़ी,सेमरिया खुर्द,कुटखेड़ी,ड़ोड़ावारी आदि गाँवो मे भारी नुकसान हुआ।