बैतूल। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप धाकड़ ने बताया कि 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस (वर्ल्ड मॉस्किटो डे) मनाया जाता है। 20 अगस्त 1897 को सर रोनाल्ड रॉस ने खोज की थी कि मच्छर के काटने से मलेरिया फैलता है।
डॉ धाकड़ ने जनसामान्य से अपील की है कि अपने घर के आस-पास पानी जमा न होने दें, रूके हुये पानी की निकासी करें, जहॉ निकासी संभव न हो वहॉ पर्याप्त मात्रा में मिट्टी का तेल या जला आईल छिड़के जिससे पानी की सतह पर तेल की परत बन जाए। घर के आसपास के गढ्ढों को मिट्टी से भर दें ताकि इनमें पानी जमा न हो।
मच्छरों से बचने के लिए घर के खिड़की दरवाजों में मच्छररोधी जाली लगवाएं, मच्छर भगाने वाली क्रीम क्वाईल या लिक्विड का इस्तेमाल करें साथ ही इलेक्ट्रिक रैकेट का उपयोग करें, शाम के समय नीम की पत्तियों का धुऑ करें, फुल बाहॅ के कपड़े पहनें, सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है, अतः बुखार आने पर खून की जॉच अवश्य कराएं। मलेरिया पाएं जाने पर समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में मलेरिया का उपचार निःशुल्क प्रदाय किया जाता है। मच्छरों से होने वाले अन्य रोगों जैसे डेंगू,चिकनगुनिया, हाथीपांव एवं जापनी बुखार से बचने हेतु उपरोक्त उपाय अवष्य करें साथ ही प्रति सप्ताह अपने घरों में पानी के बर्तन साफ करें तथा टंकी, टायर, कूलर, एवं गमले आदि में जमा पानी हर सप्ताह निकालें।