भैंसदेही। छोटे से गाँव बरहापुर मे एक साधारण किसान परिवार में पंजाब के नाम से जन्मे व्यक्तित्व ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दामन पकड़कर ग्राम से लेकर प्रदेश स्तर तक जनहित एवं सामाजिक मुद्दों को अपना परिदर्शन बनाकर तमाम महत्वपूर्ण पदों पर काबिज होकर अपने स्वभाव की सहजता,सरलता स्थापित कर विरोधी राजनीतिक दल के लोगो को सदैव अपने स्वभाव के प्रति लुभाने के काम करने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष,पूर्व जनपद अध्यक्ष,पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के लिए कांग्रेस की हारी बाजी को अपनी रणनीति से जीत में तब्दील करने वाले पंजाबराव कावडकर का बुधवार रात्रि लंबे समय से अस्वस्थ होने के कारण दुखद निधन हो गया।क्षत्रिय लोन्हारी कुनबी समाज सरंक्षक के रूप में प्रख्यात पंजाब भाऊजी के नाम से माने जाने वाले श्री कावड़कर के निधन के समाचार प्राप्त हुआ पूरा क्षेत्र समाजसेवी,कद्दावर नेता के निजनिवास पर अंतिम दर्शन के लिए सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पहुँचने लगा।स्वर्गीय श्री कावड़कर का दुखद निधन कांग्रेस परिवार के लिए अपूर्णीय क्षति है वही अन्य राजनीतिक दलों के कुशल जनप्रतिनिधियों ने भी एक कुशल रणनीतिकार जिसके शब्दो का मार्गदर्शन विरोध का पर्याय बनता था खो दिया है।पंजाबराव जी कावड़कर ने अपने राजनीतिक काल मे आय का हिस्सा नही बनते हुए समाजहित में सदैव काम किया ईसलिये वे जनता की पसंद पर जिला पंचायत अध्यक्ष,जनपद पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य के साथ सदैव प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे उनकी अंत्येष्टि में समस्त राजनीतिक दलों के लोग,सामाजिक बन्धु,शुभचिंतक, इष्टमित्र, पत्रकारगण मौजूद रहे,मुखाग्नि उनके एकलौते पुत्र ने दी,उनकी अंतिमयात्रा में पूर्व केबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे,भैंसदेही विधायक धरमुसिंग सिरसाम,पूर्व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष अरुण गोठी,भाजपा जिलाउपाध्यक्ष प्रदीपसिंह ठाकुर,पूर्व नपा अध्यक्ष अनिलसिंह ठाकुर,भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष सोलंकी,पूर्व एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वागद्रे,पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रमोद महाले,मुलताई कांग्रेस अध्यक्ष किशोरसिंह परिहार,जनपद अध्यक्ष संजय मावस्कर,रामु टेकाम,युवा मोर्चा अध्यक्ष संतोष पाल सहित अनेको जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे,श्री कावड़कर के निधन से पूरे क्षेत्र में शौक का वातावरण व्याप्त है।