सारनी। आदिवासी नेता दिवगंत मनमोहन शाह वट्टी के संदिग्ध मृत्यु की न्यायिक जांच को लेकर सारनी के एसडीपीओ अभयराम चौधरी माध्यम को महामहिम राज्यपाल मध्यप्रदेश के नाम गुरुवार को ज्ञापन सौंपा गया। भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव, आमला सारनी विधानसभा के पुर्व प्रत्याशी एड. राकेश महाले ने बताया कि अमरवाडा के पुर्व विधायक एवं गोंडवाना समाज में कद्दावर नेता दिवगंत मनमोहन शाह के आकस्मिक मृत्यु से समस्त आदिवासी वछित समाज में रोष व्याप्त हैं। दिवंगत वट्टी 31 जुलाई 2020 को चिरायु चिकित्सा महाविद्यालय में रुटीन चैकअप के लिए गये थे, जिन्हें चैकअप के पश्चात आकस्मिक चिकित्सा वार्ड में भर्ती कर दिया गया। वहीं इलाज के बाद 1 अगस्त को भर्ती कराया गया। चिरायू हास्पिटल भोपाल में भर्ती मनमोहन शाह बट्टी का अस्पताल प्रबंधन कि लापरवाही के चलते  ह्रदयघात पीड़ा से निधन हो गया। जो कही न कही संदेहास्पद प्रतीत होता है, वहाँ चिरायु महाविद्यालय चिकित्सा भर्ती के दौरान उनका कोई भी (कोरोना-19) जांच इत्यादि नहीं कराया गया परंतु उनकी मृत्यु के पश्चात उन्हें कोरोना पॉजिटिव बता दिया गया। एड. महाले ने बताया कि देश के बड़े आदिवासी नेता मनमोहन शाह बट्टी चिरायु चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भोपाल कि अनियमितता प्रथम दृष्टता सामने आती है। जिस पर एड. महाले ने मांग उठाई कि पुर्व विधायक अमरवाडा मनमोहन शाह बट्टी के संदिग्ध मृत्यु की न्यायिक जांच हो ताकि देश में सभी आदिवासी मूलनिवासी की संदिग्ध मृत्यु पर न्याय मिल सके। ज्ञापन सौपने वाले पर राजेश पाटिल, बन्सीलाल मर्सकोले, देवेन्द्र उबनारे, उपस्थित थे।

By Vishal

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