बैतूल। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने जिले के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में राखी विक्रेताओं को कोविड संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत पर्याप्त सजगता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समस्त विक्रेताओं को आदेशित किया है कि डिस्पोजेबल ग्लब्स पहनकर ही राखी का विक्रय करें। किसी भी ग्राहक को राखी छूने की अनुमति नहीं रहेगी, क्रय की जाने वाली राखी को छोटे-छोटे पैकेट में रखकर दिया जाएगा।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक दुकानदार यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्राहक दूर से राखी को देखें तथा राखी पर पठनीय मूल्य प्रदर्शित हो, जिससे ग्राहक दूर से राखी पसंद कर बिना छूए मूल्य की जानकारी प्राप्त कर सके। सघन क्षेत्रों में फुटकर दुकानों की संख्या सीमित रखी जाएगी। यह चिन्हांकन संबंधित इंसिडेंट कमाण्डर के साथ नगरीय अथवा ग्रामीण क्षेत्र के अधिकारी सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक फुटकर विक्रेता को संबंधित निकाय में विशेष अनुमति प्राप्त करना होगी।
ऐसे क्षेत्र जहां पर क्लोज दुकानें हैं, वहां ग्राहकों की संख्या उतनी ही रखी जाए जिससे छ: फीट की दूरी का पालन हो सके। यदि फुटपाथ पर दुकान लगी हो तो गोला बनाकर 6 फीट की दूरी पर ग्राहकों को राखी का विक्रय किया जाए।
दुकानदार राशि प्राप्त करते समय प्रति संव्यवहार के पश्चात् ग्लब्स पहने हुए हाथों को अल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से सेनेटाइज करेंगे।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि 26 एवं 27 जुलाई को जिले में लॉकडाउन होने से इस प्रकार की समस्त दुकान/बाजार बंद रहेंगे। ऐसी स्थिति में खरीददार इन दिनांकों में अपने घरों से राखी खरीदी के लिए न निकलें।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी विभिन्न प्रकार की राखी बेचने वाली अस्थाई दुकानें जो स्व सहायता समूहों एवं अन्य ग्रामीणकर्मियों द्वारा बनाई गई है, उनकी व्यवस्था भी स्थानीय स्तर पर विक्रय हेतु की जाएगी, जिससे नगरीय बाजारों में नागरिकों का अनावश्यक आना-जाना न हो।
आमजन को यह भी जानकारी दी गई है कि आदेशों के अनुरूप मास्क नहीं पहनने पर 100 रूपए जुर्माना, जिन दुकानों में छ: फीट की दूरी का पालन नहीं होगा उनके विरूद्ध 1000 से 5000 रूपए तक का जुर्माना किया जाएगा। यदि यह उल्लंघन व्यापक स्वरूप का होगा तो दाण्डिक प्रकरण भी दर्ज किया जा सकेगा।
कलेक्टर का यह आदेश आमजनता को संबोधित है एवं एकपक्षीय पारित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत मप्र शासन द्वारा जारी किए गए विनियम दिनांक 23 मार्च 2020 की कंडिका 10 के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 187, 188, 269, 270, 271 के अंतर्गत दंडनीय है एवं उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध इन धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। जिले में यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील की गई है।

By Vishal

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