बैतूल। मप्र सहायक शिक्षक, शिक्षक संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में मुख्यमंत्री के नाम से सांसद दुर्गादास उइके व आमला विधायक डॉ.योगेश पंडागरे को ज्ञापन सौंपा। इस संबंध में संगठन के प्रांतीय महामंत्री सुरेन्द्र कनाठे ने कहा कि सहायक शिक्षक व शिक्षक को वेतन एवं योग्यतानुसार वरिष्ठता सहित पदोन्नति, पदनाम की मांग को लेकर 2017 में शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री रहते हुए घोषणा की थी की पदोन्नति से वंचित सहायक शिक्षक को प्रचलित वेतनमान एवं योग्यता अनुसार पदोन्नति पदनाम वरिष्ठता के अनुसार एक माह में देने की घोषणा की गई थी। शालेय शिक्षा विभाग के द्वारा आप की घोषणा अनुसार पदोन्नति, पदनाम के आदेश अविलंब जारी किए जाए। संगठन के दिलीप गीते व प्रमोद मानकर ने कहा कि सामान्य प्रशासन के आदेश अनुसार राज्य कर्मचारियों व अधिकारियों को क्रमोन्नत वेतनमान का पदनाम अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की भांति दिए जाने के निर्देश हैं। उच्च शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार सहायक प्राध्यपकों को सीधे प्राध्यपक का पदनाम वरिष्ठता सहित दिया गया है। सहायक प्राध्यापकों की भांति 25-40 वर्ष की सेवा उपरांत भी एक भी पदोन्नति नहीं पाए सहायक शिक्षकों, शिक्षकों को वेतनमान अनुसार पदनाम दिा जाए जिसका शासन पर कोई आर्थिक अधिभार नहीं आएगा। बीआर ठाकरे व विक्रम इथापे ने नवीन भर्ती एवं उपचुनावों से पूर्व शिक्षकों को वेतनमान एवं योग्यतानुसार पदोन्नति, पदनाम वरिष्ठता सहित देने की मांग की है। इस अवसर पर सांसद और विधायक ने मुख्यमंत्री को वस्तुस्थिति से भी अवगत कराने का आश्वासन दिया।

By Vishal

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