आप पार्टी द्वारा आरटीआई के नाम पर नपा के ठेकेदारो व कर्मचारियो को मानसिक प्रताड़ना का आरोप
आप पार्टी के नेताओं पर लगाया ब्लेकमेलिंग का आरोप
सारणी।
नगर पालिका सारनी में समग्र स्वच्छता अभियान के तहत बनाए गए शौचालय निर्माण कार्य में धांधली की झूठी शिकायतें कर ठेकेदारों को बार-बार परेशान करने वाले आप पार्टी के खिलाफ ठेकेदार एकजुट हो गए हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले के खिलाफ शौचालय निर्माण करने वाली पांचों फर्म मो० ऐयाज अहमद, अमृतधारा कंट्रक्शन गुना, मेसर्स ताज एण्ड सन्स,श्रीजी कंस्ट्रक्शन टिमरनी, रंजीत सिंह कान्ट्रेक्टर ने हाई कोर्ट में मानहानि का दावा करने का फैसला लिया है। ठेकेदार ऐयाज अहमद ने आज इस मामले में तैयारी को लेकर नगर पालिका सारणी में एक आरटीआई एप्लीकेशन प्रस्तुत की है जिसमें उन्होंने शौचालय निर्माण से संबंधित फाइलों की प्रमाणित प्रति मांगी है। जिसमें नगर पालिका सारनी द्वारा बनाए गए शौचालय निर्माण संबंधित ठेकेदार को दिए गए कार्य आदेश पुस्तिका, शिकायत की छाया प्रति जांच रिपोर्ट का प्रतिवेदन, ठेकेदार के भुगतान की छायाप्रति,एवं फायनल बिल सहित समस्त दस्तावेज एवं आरटीआई एक्ट के तहत आप पार्टी के अजय सोनी और सपन कामला द्वारा पिछले 5 वर्षों से प्रस्तुत आरटीआई आवेदनों की छाया प्रति उक्त में कितने प्रकरणों से निर्धारित शुल्क भरकर जानकारी प्राप्त की गई, नपा सारणी द्वारा उक्त आवेदनों के विरुद्ध पत्राचार की छाया प्रति एवं आज तक किन-किन लोगों पर कार्रवाई की गई इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाये । ऐयाज अहमद का कहना है कि सभी फर्मों ने शौचालय का निर्माण पूरी ईमानदारी से किया लेकिन कुछ लोगो के द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण दो-दो बार शासन के जांच दलों द्वारा निर्माण कार्य की जांच की गई । काम में कोई अनियमितता नहीं पाई गई, कहीं कुछ सामान्य कमी निकली भी तो बिल भुगतान के समय बिल में से कटोत्री कर ली गई। शिकायतों के कारण शासन द्वारा दो बार जांच दल गठित किए गए जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे । उनके द्वारा की गई जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप निराधार पाए गए। फिर भी शौचालय निर्माण कार्य की झूठी शिकायतें अब भी कर रहें हैं। इसलिए शौचालय निर्माण करने वाली सभी पांचों एजंसियों ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट जाने का फैसला किया है। ऐयाज अहमद का कहना है कि आप पार्टी के अजय सोनी, सपन कामला सहित अन्य पदाधिकारियों ने आरटीआई लगाने का धंधा बना लिया है । शासन के विभिन्न विभागों में वे आरटीआई लगाते हैं और फिर मामले को रफादफा करके वैसे ही छोड़ देते हैं। नगर पालिका शौचालय निर्माण के मामले में भी इनकी मंशा ठेकेदारों से ठीक नही है । इसलिये ठेकेदारो की लगातार झूठी शिकायतें कर रहे हैं।

By Vishal

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