सारनी। राष्ट्रीय फेडरेशन की 3 जून को सुबह 11.30 बजे समस्त पदाधिकारियों कि आवश्यक बैठक जूम एप्लीकेशन के माध्यम से भारत सरकार की कोयला श्रमिक विरोधी नीति के खिलाफ बैठक हुई। जिसमें 35 पदाधिकारीगण उपस्थित थे। जानकारी देते हुए इंटक के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कृष्णा मोदी ने बताया की इस बैठक में भारत सरकार की कोयला ब्लाक नीलाम नीति एवं निजीकरण नीति के खिलाफ काफी विचार विमर्श हुआ। सम्पूर्ण भारत में कोरोना वायरस बीमारी को लेकर लॉकडाउन लगा है, इस दरम्यान भारत सरकार कोयला उद्योग को बरबाद करने का निर्णय ले रही है। ये सभी को ज्ञात है कि लॉकडाउन के रहते जब कोरोना वायरस को भगाने के लिए सारा राष्ट्र एक मत से लगा है। ऐसी हालत में सरकार का कोयला खदानों को नीलाम करना साथ ही साथ सम्पूर्ण राष्ट्र में श्रम कानूनों में संशोधन करना यह राष्ट्र हित में उचित नही है, इसलिए सरकार को आगाह करने के लिए सात सूत्रीय मांगों को मंजूर करते हुए निर्णय लिया गया कि सम्पूर्ण राष्ट्र में 10 जून को समस्त श्रमिक काली पट्टी या काला बिल्ला लगा कर सम्पूर्ण दिन अपना कार्य करेगा तथा 11 जून को काला दिवस मनाते हुए भारत सरकार का पुतला दहन करेगा। इस निर्णय का अन्य संगठन जैसे इंटक, एचएमएस एवं सीटू भी इस आंदोलन में प्रमुख हिस्सा लेंगे ऐसी सम्भावना है तथा फेडरेशन बीएमएस युनियन से भी चर्चा कर इस विरोध दिवस को मनायेगा।