भोपाल. मध्य प्रदेश के 15 जिलों की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में इस बार सब बदला-बदला सा होगा. कोरोना संकट, सोशल डिस्टेंस और लॉक डाउन के कारण इस बार पहले की तरह सभा, रैली और जुलूस नदारद रहेंगे. इसलिए सारा ज़ोर सोशल मीडिया पर है .बीजेपी और कांग्रेस का फोकस सोशल मीडिया कैंपेन पर है. दोनों दलों ने अभी से अपनी ताकत झोंकना शुरू कर दिया है.

आईटी सेल सक्रिय
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा अब तक करीब चार लाख लोगों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क साध चुके हैं. इसके साथ ही बीजेपी आईटी सेल शिवराज सरकार की चौथी पारी में लिए गए बड़े फैसलों की वीडियो क्लिप बनाकर लोगों तक पहुंचा रही है. बीजेपी आईटी सेल रोजाना 5 से 6 वीडियो तैयार करके उपचुनाव वाले जिलों में सरकार के कामकाज का बखान कर रहा है. इसके अलावा सोशल मीडिया की बूथ स्तर तक टीम तैयार कर बीजेपी से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है.आईटी सेल ने प्रदेश की शिवराज सरकार के अलावा केंद्र की मोदी सरकार के फैसलों को भी उपचुनाव में कांग्रेस के खिलाफ बड़ा हथियार बनाने की योजना तैयार की है.

15 ज़िले 24 सीट
बीजेपी दफ्तर के आईटी सेल में इन दिनों उन जिलों पर फोकस किया जा रहा है, जहां पर उपचुनाव होना हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा हर दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सोशल मीडिया ऐप के जरिए लोगों से सीधा संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.

कांग्रेस का सोशल मीडिया कैंपेन प्लान 
कांग्रेस भी समझ गई है कि इस बार के उपचुनाव में सड़कों पर आंदोलन और सभा के बजाय सोशल मीडिया कैंपेन ही असरदार होगा. यही कारण है की पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर उनके करीबी नेता सोशल मीडिया के जरिए कैंपेनिंग कर रहे हैं. कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और मीडिया विभाग के प्रमुख जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया कैंपेन का मोर्चा संभाल लिया है. जीतू पटवारी बूथ स्तर तक सोशल मीडिया टीम तैयार करने में जुटे हैं. इसके लिए हर दिन उपचुनाव वाले जिलों में पार्टी पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं से संपर्क साधा जा रहा है.
कांग्रेस का स्पीक अप इंडिया
कांग्रेस स्पीक अप इंडिया कार्यक्रम के जरिए मजदूरों से जुड़े मुद्दों को उठा चुकी है.पार्टी का दावा है उस कार्यक्रम के जरिए मध्य प्रदेश से साढे़ चार लाख लोगों ने अपने वीडियो शेयर किए थे. मजदूरों के बाद अब उसका ध्यान किसानों पर है. किसानों को अनाज बेचने में जो दिक्कत आ रही हैं उस पर कैंपेन चलाएगी. कांग्रेस पार्टी की कोशिश है कि उपचुनाव से पहले बूथ स्तर तक सोशल मीडिया की टीम की जाए. इसमें प्रोफेशनल टीम शामिल हो ताकि उपचुनाव में कांग्रेस की बात सीधे आम लोगों तक पहुंचाई जा सके.

बेहद दिलचस्प होगा 24 सीटों का उपचुनाव
कोरोना संकट के कारण भले ही प्रदेश में अब अनलॉक 1.0 की शुरुआत हो गई हो. लेकिन यह तय माना जा रहा है उपचुनाव के दौरान किसी बड़ी सभा या कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलेगी. ऐसे में डोर टू डोर कैंपेन और सोशल मीडिया कैंपेन ही राजनीतिक दलों का बड़ा हथियार होंगे. इस बात को समझते हुए बीजेपी और कांग्रेस ने सोशल मीडिया कैंपेन पर अभी से अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं.

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *