बैतूल। वैष्विक महामारी कोरोना के कारण पिछले दो माह पूरा देष लाॅकडाउन रहा और सारी गतिविधियां रूक सी गई। परन्तू ऐसे समय हमारे डाक्टर, नर्स,, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी सहित प्रषासनिक अधिकारियो, समाजसेवियो ने जिस तरह की भूमिका निभाई उसकी आज सर्वत्र प्रषंसा हो रही है। ऐसे ही एक योद्वा चैतराम पुवारे है जिनकी जितनी तारीफ की जाए वो कम होगी। चैतराम पुवारे स्व.विजय कुमार खंडेलवाल की स्मृति में संचालित निषुल्क शव वाहन के चालक है। वैसे तो चैतराम ने पिछले चार वर्षो में गर्मी, सर्दी, बरसात, दिन हो या रात हमेषा तत्परता से दो हजार के लगभग शवो को नियत स्थान तक पहुंचाया है। चैतराम ने नारायण सेवा ही मानव सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य मानकर इस कर्तव्य को निभाया है। परंतू यहां चैतराम के मात्र इस कर्तव्य की ही बात नही हो रही है। बल्कि कोरोना महामारी के दौरान शवो को गंतव्य तक पहुंचाने की बात कर रहे है। जहां एक ओर कोई भी वाहन चालक सामान्य मौत से मृत व्यक्ति के शव को भी ले जाना गवारा नही करता वहीं चैतराम ने एक संदिग्ध के शव को गंतव्य तक पहुंचाया। हांलाकि उक्त संदिग्ध की रिपोर्ट बाद में निगेटिव आई थी। इसी तरह इस कोराना योद्वा चैतराम पुवारे ने लाॅकडाउन के दौरान भी लगभग 40 शवो को दुरस्थ स्थानो तक पहुंचाकर एक सराहनीय कार्य किया। ऐसे योद्वा के जज्बे को सलाम।