बैतूल। भारत भारती आवासीय विद्यालय के 65वें स्थापना वर्ष पर आयोजित वार्षिकोत्सव में हिंदू धर्मरक्षक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित महानाट्य का मंचन किया गया। राजस्थान के किलों का सयुंक्त तीन मंजिला दुर्ग मंच पर भारत भारती के 300 से अधिक विद्यार्थी कलाकारों ने शौर्य और रोमांच से भरपूर इस नाट्य की प्रस्तुति दी।
इस मौके पर महाराणा प्रताप का जन्मोत्सव, महाराणा के बाल्यकाल, सफेद घोड़े चेतक पर बैठकर महाराणा प्रताप का आगमन, हल्दीघाटी का युद्ध, महाराणा को नहीं जीतने पर अकबर की बेचैनी, दानवीर भामाशाह का प्रसंग आदि अनेक कथानकों द्वारा मंचित इस महानाट्य में गीत और नृत्यों के माध्यम से कलाकारों ने जीवंत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व प्रशासनिक अधिकारी व भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अध्यक्ष बनवारीलाल सक्सेना, चुन्नीलाल यादव, जनजाति शिक्षा के राष्ट्रीय सह संयोजक बुधपाल सिंह ठाकुर, महर्षि अरविंद शिक्षा समिति के अध्यक्ष कश्मीरीलाल बत्रा सहित अन्य लोग मौजूद थे। भारत भारती के सचिव मोहन नागर ने कहा भारत भारती के विद्यार्थी देश के हर प्रांत सहित विश्व के अनेक देशों में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थानों पर कार्य कर रहे हैं। शिक्षा संस्थान शिक्षा के साथ चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण, स्वालम्बन को लेकर जिले के सैकड़ों गांवों में अनेक प्रकल्प संचालित कर रहा है।
मुख्य अतिथि सक्सेना ने कहा कि भारत भारती विद्यालय द्वारा महाराणा प्रताप के जीवन पर महानाट्य का मंचन कर 500 वर्ष पूर्व के गौरवशाली इतिहास को आज की नई पीढ़ी को दिखाने का प्रशंसनीय कार्य किया है। मंचन में जितेंद्र तिवारी, मुकेश दवंडे, लोकेश धुर्वे, रामेश्वर नागर, अनुसया बारंगे, रूपा मालवीय, आरती पवार, सोलानी दवंडे, शीतल मन्नासे, अनिल कोचढ़े, देवेंद्र बेले सहित विद्यालय के आचार्य परिवार के सभी सदस्यों ने सराहनीय योगदान दिया।
3 मंजिला मंच पर 500 साल पुरानी महाराणा प्रताप की जीवन गाथा को 300 कलाकारों ने किया जीवंत
+ There are no comments
Add yours