• विजय मिश्रा डान्स ग्रुप पटना ने मध्यप्रदेश  व अपना बिहार गान पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया
  • भोजपुरी एकता मंच ने कार्यक्रम में सहयोग करने वाले एवं कलाकारो को स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया
  • डब्ल्यूसीएल सीजीएम मुख्य अभियंता सारनी नगर पालिका अध्यक्ष-उपाध्यक्ष ने आयोजन समिति को बधाई दी
  • कजरी बिरहा समारोह का रंगारंग समापन

सारनी। भोजपुरी साहित्य अकादमी के द्वारा दो दिवसीय समारोह के रंगारग समापन में भोजपुरी लोकगीत कजरी बिरहा स्थानीय सभागृह नप अध्यक्ष किशोर बरदे वेकुली मुख्य महाप्रबंधक शुभेंदु कुंडू नायब तहसीलदार संतोष पथौरिया एमपीपीजीसीएल के मुख्य अभियता व्ही के कैथवार, नपा उपाध्यक्ष जगदीश पवार शासकीय बागडोना कॉलेज की प्राचार्य प्रमिला वाधवा श्रमिक नेता कामेश्वर राय श्रीकान्त चौधरी भरत सिंह हबीब अंसारी सुरज देव सिह महेंद्र यादव, दशरथ सिह जाट , प्रकाश शिवहरे , देवेन्द्र सोनी ,पूर्व नपा उपाध्यक्ष रामवती जाट के आतिथ्य में संपन्न हुआ ।इस अवसर पर भोजपुरी एकता मंच के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कार्यक्रम के समन्वयक कमलेश सिंह, लक्ष्मण साहू जीपी सिंह प्रमोद सिह नन्हे सिंह राजेश सिन्हा बाबू झा संजीत चौधरी छविनाथ भारद्वाज संजीत चौधरी ने बताया की बिरहा कार्यक्रम के द्वितीय दिवस भोजपुरी गीत गायिका अनामिका वर्मा ने अपनी गायकी से भोजपुरी रस में भाव विभोर कर दिए। 


इस समारोह में  प्रीति झा तिवारी द्वारा लोक पतंग नाट्य द्वितीय भाग की भी प्रस्तुति दि जिसे दर्शको द्वारा पसंद किया गया। कार्यक्रम को नपा अध्यक्ष किशोर बरदे ने संबोधित करते हुए कहा मध्यप्रदेश शासन द्वारा सांस्कृतिक मंत्री उषा ठाकुर जी के मार्गदर्शन में लगातार लोक संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए सैकड़ों आयोजन किए जा रहे हैं उसी क्रम में भोजपुरी साहित्य अकैडमी द्वारा मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से कजरी बिरहा का दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन ऑफिसर क्लब पाथाखेड़ा में संपादित किया जा रहा है पिछले 10 वर्षों से लगातार मध्यप्रदेश शासन कजरी बिरहा कार्यक्रम पाथाखेड़ा क्षेत्र में कर रहा है  भोजपुरी एकता मंच  और मध्य प्रदेश सरकार अभिनंदन के पात्र है हमारी लोक संस्कृति के पुनर्जीवन के लिए इस तरह के आयोजन आवश्यक है  तत्पश्चात वेकोली महाप्रबंधक एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शुभेंदु कुंडू ने संबोधित करते हुए कहा कि हमें लोक संस्कृति लोक आस्था विरासत में मिली है युवा पीढ़ी अपनी लोक संस्कृति लोक आस्था और मातृभाषा से दूर होते जा रही है इस तरह के आयोजन लोक संस्कृति आस्था को बचाने और अगली पीढ़ी को स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक है  सावन का महीना और कजरी लोकगीत एक दूसरे के पूरक है,सावन में कजरी गायन का विशेष महत्व भी है। लोक संस्कृति के संरक्षण में भी कजरी के अमूल्य योगदान है,कजरी सावन के उल्लास को प्रदर्शित करने वाली विधा है। कजरी को लोकगीतों की रानी भी कहा जाता है।लोक परंपराओं के संरक्षण को दृष्टि से  भोजपुरी साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश व भोजपुरी एकता मंच का यह प्रयास अभिनंदनीय अनुकरणीय है। इस अवसर पर एपीजीसीएल सारणी के मुख्य अभियंता व्ही के कैथवार द्वारा सफल आयोजन के लिए भोजपुरी साहित्य अकादमी एवं भोजपुरी एकता मंच को बधाई देते हुए कहा की अपनी संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए।
इस अवसर पर भोजपुरी एकता मंच द्वारा लिट्टी चोखा की व्यवस्था की गई थी जिसका श्रोतागण ने व्यंजन का भी लुप्त उठाया। इस अवसर पर भोजपुरी समाज से ओमप्रकाश सिह अशोक सिह सुभाष सिंह  कैलाश पाटिल मुकेश यादव शिबू सिंह सुनील सिंह मिंटू राय  नकूल गुप्ता संजय प्रजापति राहूल सिंह , शिवा गुप्ता ,सुभाष चौरसिया , बाबू झा ,संतोष यत्ती विनायक सिंह धर्मेंद्र राय पंकज श्रीवास्तव  मंडल महामंत्री प्रकाश शिवहरे , सुनन्दा पाटिल, भीम बहादूर थापा प्रविण सोनी  योगेश बर्डे गणेश महस्की , विनय मदने , विलाश चौधरी , राकेश सोनी ,विरु सोनारे ,राहुल बर्डे, जफर अंसारी संदीप झपाटे   प्रकाश डेहरिया सहित भोजपुरी समाज के  उपस्थिती मे सम्पन्न हुआ।

By Vishal

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