- क्रॉस वोटिंग ने पार्टियों को दहलाया
आमला। आमला नगर मे हुए नगरपालिका परिषद के पार्षद चुनाव के परिणाम जीतने रोचक आए थे उससे अधिक रोचक परिणाम अध्यक्ष के लिए आए।इस बार निकाय चुनाव मे अप्रत्यक्ष प्रणाली से अध्यक्ष के चुनाव हुए। जिस तरह से जनता ने परिणाम मे यह तो तय कर दिया था की नगरपालिका की अध्यक्ष सीट पर भारतीय जनता पार्टी को नहीं बिठाया जाना चाहिए।हालाकी अध्यक्ष चुनाव मे तीन प्रत्याशी मैदान मे उतरे जिसमे कॉंग्रेस से नितिन गाडरे,इसके अलावा कॉंग्रेस से नाखुश अपने इस्तीफे की वीडियो से पुष्टि कर निर्दलीय के रूप मे खुशबू अतुलकर तथा निर्दलीय जीतकर आई वार्ड क्र 10 की पार्षद श्रीमती काशी बाई शेषकर जो अध्यक्ष चुनाव के एक दिन पूर्व भाजपा जॉइन होकर भाजपा उम्मीदवार बनी।जिस तरह से पार्षद चुनाव मे जनता ने दोनों ही मुख्य पार्टी को बहुमत नहीं दिया लेकिन यह बात स्पष्ट थी की कॉंग्रेस के अध्यक्ष सीट के लिए चारों एससी वर्ग की सीट जिताकर यह जाहीर कर दिया था की नगर का प्रथम नागरिक कॉंग्रेस का ही होना चाहिए।वही अध्यक्ष चुनाव मे रोचकता जिस तरह से चरम पर आई और तीनों ही उम्मीदवार को 6-6-6 वोट मिलकर सभी की धड़कने बड़ा दी।लेकिन जनता जनार्दन के फैसले को भला उपर वाला भी कैसे नकार सकता था। तीनों ही प्रत्याशियों के नाम की पर्ची एक बाक्स मे डाली गई और एक बच्ची से उसमे से एक पर्ची निकाली गई जिसके निकलते ही हर हर महादेव के नारे से कार्यालय गूंज उठा। जिसमे कॉंग्रेस के नितिन गाडरे के नाम की उस ईश्वर रूपी बच्ची ने पर्ची निकालकर नगर का प्रथम नागरिक दिया।
क्रॉसिग वोटों मे तीनों दलों की आखे फटी की फटी रही
इस चुनाव मे जिस तरह जनता का फैसला आने के बाद तीनों ही प्रत्याशी अपने अध्यक्ष की दावेदारी करते हुए मैदान मे उतरे थे उससे यह तो अंदाज लग चुका था की वोट क्रॉसिंग तो होना संभव है। जबकि भाजपा ने 8 खुद के और दो निर्दलीय को भाजपा जॉइन करा के बहुमत पर आसानी से पहुच गई थी। जिससे यह लग रहा था की लगभग भाजपा का उम्मीदवार ही नगरपालिका अध्यक्ष होगा।हालाकी भाजपा मे भी उम्मीदवार को लेकर कुछ पार्षदों की नाराजगी की बाते चल रही थी वही बताया जा रहा था की पार्टी के मुख्य जनप्रतिनिधि ने 13 पार्षदों का दावा ठोका था,जिसमे 3 निश्चित ही कॉंग्रेस के भी शामिल और दो निर्दलीय शामिल किए,जबकि।भाजपा के खासकर दो पार्षदों की स्तिथि स्पष्ट थी की वो निर्दलीय उम्मीदवार को मना कर विपक्ष मे बैठने को तैयार थे।जिसके बाद भी भाजपा के पास 11 का बहुमत था जिससे नगर सरकार बनाई जा सकती थी लेकिन इन 13 के आकड़ों की माने और प्राप्त आकडे 6 जिसमे अगर भाजपा के पार्षदों पर भरोसा न कर ऐसे आकलन लगे हो तो कॉंग्रेस के 3 निर्दलीय 2 इसका मतलब भाजपा का एक वोट ही भाजपा कों मिल सका। मतलब भाजपा को 7 लोगों ने धोखा दिया।यह जनता के लिए तो नही लेकिन भाजपा के संगठन और भाजपा की चिंता करने वाले लोगो को भविष्य के खतरे से या थोपा थोपी विचारधारा पर मंथन करने की आवश्यकता है।वही उपाध्यक्ष के लिए भी भाजपा एक राय नहीं कर पाई जिसको लेकर भाजपा से ही दो उम्मीदवार श्रीमती ओमवती विश्वकर्मा और संजय राठोर दोनों मैदान मे उतर गए। हालकी वरिष्ठता के हिसाब से 5 बार की विजयी हुई श्रीमती विश्वकर्मा को इस पद के लिए उम्मीदवारी मिलना था पर बताया जाता है की विधायक द्वारा पहले दिन ही पुरुष की मांग रखकर संजय राठौर को उपाध्यक्ष के लिए सहमति दे दी गई थी।जिसके बाद उन्होंने अपने आकड़ों के लिए मेहनत कर ली गई लेकिन आखिर मे दोनों के न मानने पर दोनों ही चुनाव मे गए जिसमे पाँच बार की अजेय पार्षद श्रीमती विश्वकर्मा को मात्र 3 वोट और संजय राठोर को 7 वोट मिले और वह 1 वोट से अपने नजदीकी उम्मीदवार किशोर माथनकर से एक वोट से हार गए।इस तरह से न अध्यक्ष न उपाध्यक्ष दोनों ही पदों मे भाजपा को पठखनी खानी पड़ी।
कांग्रेस के भी हाल बेहाल थे, जीत नही एहसान मानो
वही इसके विपरीत हाल फिलहाल मे कॉंग्रेस द्वारा धूमधाम से जश्न मनाया गया लेकिन जिस दम की बात कॉंग्रेस दिखा रही है,वो असल मे निर्दलीय उम्मीदवार के खड़े होने से ही संभव हो पाया जबकि नगर मे चर्चा की जा रही की नगर कॉंग्रेस अध्यक्ष और कॉंग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि के कुशल प्रबंधन से यह जीत दर्ज हुई है।तो हम पइन्हे प्राप्त वोटों के समीकरण पर भी एक नजर घुमा लेते है स्वाभाविक हा की कॉंग्रेस भी इस जंग मे बहुमत का10 का आकड़ा पाने ही जोड़तोड़ मे पूरे दम से लगी हुई थी। बताया जाता है की चार दिन पूर्व से ही उनके पाँच पार्षदों को नजरबंद और मोबाईल बंद कर ले जय गया था। कॉंग्रेस के पास 8 पार्षद अब इनके भी जोरदार तंत्रों ने ने भाजपा और निर्दलीय तोड़ने की भरपूर कोशिश की गई लेकिन जैसा भाजपा के साथ हुआ वैसा ही कॉंग्रेस के साथ लेकिन कॉंग्रेस का समीकरण 10 के आकडे को पाने का था जिसमे उनके साथ खुद कॉंग्रेस के दो और जो जुगाड़ से या जोड़तोड़ कर ले जा रहे थे उन्होंने भी उनके साथ धोखा कर दिया। हलाकी कॉंग्रेस उम्मीदवार भोले महादेव का हाथ पकड़कर किस्मत के घोड़े पर सवार था । तो फिर उसे इन सब समीकरणों की चिंता ही नहीं थी जब स्वयं महाकाल का आशीर्वाद उनके साथ था।जिसके परिणामस्वरूप आज आमला नगरपालिका के अध्यक्ष नितिन गाडरे द्वारा पदभार ग्रहण किया।