सारनी। बीएमएस ने मेडिकल अनफिट प्रावधान 9.4.0 के तहत 300 रोजगार प्राप्त कामगारों को जारी कारण बताओ नोटिस को निरस्त करने की मांग को लेकर वेकोलि सीएमडी को पत्र लिखा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएमएस के संचालन समिति सदस्य सुनील मिश्रा द्वारा यह पत्र लिखा गया हैं। जिसमें उन्होंने वेकोलि सीएमडी से कहा कि हाल ही में वेकोलि के लगभग 300 से अधिक ऐसे कामगार जिन्हें मेडिकल अनफिट 9.4.0 के एनसीडब्लूए-VI के प्रावधान के तहत रोजगार प्राप्त हुआ था, उन्हें दो दिन पहले ही नियमों के विपरीत गलत तरीके से रोजगार प्राप्ति का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनका एक जिम्मेदार संगठन होने के नाते प्रबंधन द्वारा की गई इस कार्रवाई की हम घोर निंदा एवं विरोध करते हैं। लगभग 10 वर्ष पूर्व 9.4.0 के प्रावधान के तहत रोजगार स्वीकृति के पहले निम्नलिखित प्रक्रिया संपन्न की गई, जिसमे इकाई में कामगार द्वारा पूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन किया गया। जिसकी जांच कर उसे क्षेत्रीय मेडिकल बोर्ड को अग्रेषित किया गया था। क्षेत्रीय स्तर पर पुन: मेडिकल अनफिट प्रस्ताव की जांच कर क्षेत्रीय महाप्रबंधक के अप्रूवल के बाद ही क्षेत्रीय मेडिकल बोर्ड द्वारा कंपनी मेडिकल बोर्ड को अग्रेषित किया गया था। कंपनी मुख्यालय के IR विभाग द्वारा पुनः प्रस्ताव की जांच कर आवेदक कामगार को मेडिकल फिट/अनफिट हेतु कंपनी स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। कंपनी मेडिकल बोर्ड द्वारा अनफिट घोषित करने के बाद एवं कंपनी सीएमएस, सक्षम अधिकारी के अप्रूवल के बाद ही 9.4.0 के तहत रोजगार प्रदान किया गया था। बीएमएस ने कहा कि उपरोक्त सारी संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद एवं कॉलरी मैनेजर/ कार्मिक प्रबंधक क्षेत्रीय महाप्रबंधक, क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी, महाप्रबंधक औद्योगिक संबंध, कंपनी मेडिकल बोर्ड के डॉक्टर्स,सीएसएस सहित ऐसे लगभग 15 से 20 सक्षम अधिकारियों के अनुशंसा / अनुमोदन के बाद ही 9.4.0 प्रावधान के तहत सभी आश्रितों को रोजगार प्रदान किया था। सारी संवैधानिक कार्यालयीन प्रक्रिया संपन्न करने के बाद रोजगार प्रदान करने के 10 साल बाद कामगारों पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने ग़लत ढंग से रोजगार प्राप्त किया, यह वेकोलि कंपनी पर ही आरोप लगाने जैसा प्रतीत हो रहा है। जिसको देखते हुए बीएमएस ने मांग करी कि तत्काल इस कार्रवाई पर रोक लगाई जाए एवं कामगारों को जारी कारण बताओ नोटिस निरस्त किया जाए। इस एक आदेश से लगभग 300 से अधिक कामगार एवं उनके परिवार के प्रत्येक सदस्य पल-पल इस समय मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। किसी भी प्रकार की पारिवारिक क्षति और उसके कारण उत्पन्न औद्योगिक अशांति के लिए प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा।