सारनी। कोरोना वायरस के संक्रमण के बचाव रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए लॉकडाउन का जिले में आमजन के माध्यम से पालन काफी सख्ती से किया जा रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के बंगाली कैंप चोपना क्षेत्र के सालीवाड़ा ग्राम का हैं। जहां पर तहसीलदार घोड़ाडोंगरी की अनुमति के साथ 17 अप्रैल को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विवाह संपन्न हुआ। घोड़ाडोंगरी तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा से प्राप्त जानकारी अनुसार इस विवाह के लिए घोड़ाडोंगरी तहसील में खोकन बाला के माध्यम से आवेदन दिया गया था इसके पश्चात तहसील के माध्यम से 15 अप्रैल को विवाह हेतु अनुमति प्रदान की गई थी जिसमें कि कुछ शर्तें भी रखी गई थी। तहसीलदर श्रीमति विश्वकर्मा ने बताया कि तहसील से अनुमति प्राप्त होने के पश्चात 17 अप्रैल को रात्रि 12 से 1 के बीच में यह विवाह संपन्न हुआ, जिस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी हुआ, इस विवाह में शासन के नियमों की अनदेखी ना हो इसके लिए तहसील से विवाह स्थल पर पटवारी मौजूद रहे। वहीं इस विवाह की अनुमति देते हुए कहा गया था कि 5 लोग से ज्यादा लोग मौजूद ना रहे एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए जिसके साथ ही समय का भी विशेष ध्यान रखें अन्यथा नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्यवाही भी की जाएगी। जिसको ध्यान में रखते हुए यह विवाह संपन्न हुआ। तहसीलदार श्रीमती विश्वकर्मा ने बताया कि विवाह के दौरान केवल घर की सदस्य उपस्थित रहे जिसमें की खाने की व्यवस्था भी व्यक्तिगत घर के लोगों ने की थी। जबकि ज्ञात हो कि चोपना क्षेत्र में अधिकांश बंगाली समुदाय के लोग निवास करते हैं जिस को ध्यान में रखते हुए ही यह वैवाहिक कार्यक्रम बंगाली समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ है।