• वीवीएम कॉलेज में सरहदी बेटियों का अभिनंदन
  • समाजसेवी संगठनों ने भेंट की सैनिकों के लिये राखी, रुमाल और संदेश

बैतूल। करगिल युद्ध के बाद से देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर तैनात जवानों की कलाई पर रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का संकल्प लेने वाली बहनों के सम्मान और मंगल यात्रा के लिये 16 अगस्त को विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय एवं संस्था के संरक्षक आदित्य बबला द्वारा गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद डीडी उइके, कलेक्टर अमनवीर सिंह बैंस, संस्था के संरक्षक आदित्य बबला शुक्ला, वीवीएम कॉलेज के संचालक विजय साबले, निर्गुण देशमुख, संजय बालापुरे, कमलेश गड़ेकर,सहित संस्था संरक्षक हेमन्त पगारिया, परमजीत सिंह बग्गा, मनीष दीक्षित प्रमुख रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और मां भारती के पूजन से किया।  इस अवसर पर सांसद श्री उइके ने कहा राष्ट्र रक्षा मिशन बैतूल की गौरवशाली परम्परा है जिसे बैतूल की बेटियां दो दशक से निभा रही है। उन्होंने मंगल यात्रा के लिये शुभकामनाएं देते हुये बताया कि देश की रक्षा समिति सदस्य होने के नाते उन्होंने भी सैन्य जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। उन्होंने बेटियों के जज्बे की सराहना की।सकारात्मक अभियान- कलेक्टर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुय कलेक्टर ने बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा 22 वर्षो से निभाई जा रही परम्परा की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी है।यह बहुत ही सकारात्मक प्रयास है। इस अभियान के बारे में जानकर और इसकी शुरुआत की वजह जानकर जो अहसास मुझे हुआ उसे मैं बयां नहीं कर सकता। श्री बैंस ने भी अभियान को हमेशा जारी रखने के लिये शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर संस्था संरक्षक बबला शुक्ला ने राष्ट्र रक्षा मिशन को बैतूल की पहचान बताया। उन्होंने कहा किसी कार्यक्रम को एक या दो बार करना आसान है, लेकिन 22 वर्षो तक वह भी बिना रुके , बिना थके करना आसान नहीं है। इस अवसर पर वीवीएम के संचालक विजय साबले ने कहा कि सरहद पर तैनात सैनिकों के बीच बैतूल से बहने हर साल पहुंच रही है। अब यह अभियान यह मिशन पूरे देश में बैतूल की पहचान बन चुका हैं।कार्यक्रम को समाजसेवी परमजीत सिंह बग्गा, हेमन्त पगारिया, ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम की सफलता में उज्ज्वल पांसे, रितेश चिट्टजवार, अभिषेक वागद्रे का सहयोग रहा।कार्यक्रम का संचालन संस्था की नवनियुक्त उपाध्यक्ष नीलम वागद्रे और आभार वीवीएम कॉलेज के प्राध्यापक एसआर गायकवाड़ ने व्यक्त किया।कार्यक्रम के दौरान जिले के प्रसिद्ध कलाकार यूनुस खान द्वारा सभी सरहदी बहनों को मेहंदी लगाई गई।अतिथि सम्मान संस्था की कोषाध्यक्ष जमुना पण्डाग्रे व वीवीएम के संचालक व प्राध्यापकों द्वारा किया गया।इनके सहयोग से पूरा होगा 22वां पड़ाव17 अगस्त को राष्ट्र रक्षा मिशन का 17 सदस्यीय दल पाताल कोट एक्सप्रेस से सरहद के लिये रवाना होगा। अध्यक्ष गौरी पदम ने बताया कि संस्था के इस 22वे पड़ाव के लिये पूर्व सांसद हेमन्त खंडेलवाल, लायन्स क्लब से परमजीत सिंह बग्गा, अलका तातेड़, सन्दीप गुप्ता, दृष्टि एजुकेशन से कमलेश निरापुरे, पूर्व सैनिक विजय नरवरे, डॉ कैलाश वर्मा जिला समन्वयक गायत्री परिवार, वीवीएम बैतूल, समाजसेवी व व्यवसायी धीरज बोथरा, धीरज हिराणी, सीए प्रदीप खंडेलवाल व लेखिका गुंजन खण्डेलवाल, समाजसेवी माधवी ठाकुर, सोनाली वागद्रे, कल्पना तरुड़कर, रजक समाज, परमिता जन सेवा संगठन, साक्षी सेवा संगठन, अजाक्स संगठन, चाइल्ड लाइन, क्षत्रिय लोनहारी कुंबी महिला संगठन सहित अन्य ने रुमाल, राखी, मिठाई व सहयोग राशि भेंट की ही। समिति के सदस्यों ने इस बार देश की 21 सरहदों पर तैनात सैनिकों के लिए राखियां पूर्व में ही पोस्ट कर दी गई थी। इसके अलावा सैनिकों के लिए हाथ से तिरंगा राखियां बनाई गई है। सभी से प्राप्त राखियों के अलावा सैनिकों को तिरंगा राखी भी बांधी जाएगी। 17 को लेह के लिए रवाना होगा राष्ट्र रक्षा मिशन बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के राष्ट्र रक्षा मिशन का दल 17 अगस्त को दोपहर 12 बजे रेलवे स्टेशन बैतूल से लेह के लिए रवाना होगा। यात्रा के पूर्व कोरोना के दृष्टिगत सभी सदस्यों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया हैं। 22 अगस्त को यह 18 हजार फीट ऊंचाई पर तैनात सैनिकों के साथ रक्षाबंधन मनाएंगा। यात्रा के दौरान दल द्वारा वीरभूमि कारगिल में भी शहीद जवानों को श्रद्धाजंलि अर्पित की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर भी इस दल को विदाई देने शहरवासी पहुंचेगें। समिति अध्यक्ष गौरी पदम के नेतृत्व में हिमानी हेड़ाऊ, दीक्षा तरुड़कर, माधुरी पुजारे, अनिता तरुड़कर, हर्षलता खाकरे, रुही झरबड़े, कमल डांगे, पुष्पा डांगे, सुमित नागले, भारती झरबड़े, रजत यादव, प्रदीप निर्मले, वंश पदम लेह लद्दाख पहुंचेंगे और 27 अगस्त को दक्षिण एक्सप्रेस राष्ट्र रक्षा मिशन का दल बैतूल वापसी करेगा।

By Vishal

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