• वित्त मंत्रालय ने जीएसटी और कस्टम के टैक्स रिफंड भी जारी करने का आदेश दिया, इससे 1 लाख कारोबारियों को राहत मिलेगी
  • वित्त मंत्रालय का कहना है कि तुरंत रिफंड देने की प्रक्रिया में करीब 18 हजार करोड़ रुपए करदाताओं को वापस दिए जाएंगे

नई दिल्ली. कोरोनावायरस की वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रहे देश के नागरिकों और कारोबारियों को राहत पहुंचाने के इरादे से केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया। सरकार ने सभी संस्थाओं और लोगों के 5 लाख रुपए तक के आयकर रिफंड को तुरंत जारी करने को कहा है। इस फैसले का 14 लाख करदाताओं को सीधे फायदा मिलेगा।

इसके अलावा जीएसटी और कस्टम विभाग में लंबित सभी रिफंड भी जारी किए जाएंगे। इससे करीब 1 लाख कारोबारियों को फायदा होगा। वित्त मंत्रालय का कहना है कि तुरंत रिफंड देने की प्रक्रिया में करीब 18 हजार करोड़ रुपए करदाताओं को वापस दिए जाएंगे। 

पिछले महीने केंद्र सरकार ने 1.7 लाख करोड़ का पैकेज जारी किया था

वित्त मंत्रालय का यह फैसला पिछले महीने केंद्र सरकार द्वारा गरीबों और पलायन कर रहे मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज देने की घोषणा के बाद आया है। इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कोरोनावायरस के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ रहे डॉक्टरों, नर्सों और सफाईकर्मियों के लिए 50 लाख के बीमा कवर की भी घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री ने विपक्षी सांसदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की

इधर, प्रधानमंत्री ने बुधवार को विपक्षी सांसदों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बातचीत में लॉकडाउन बढ़ाने का इशारा किया है। बैठक के बाद बीजद सांसद पिनाकी मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लॉकडाउन एकसाथ नहीं हटाया जाएगा। मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें बताया कि कोरोना संक्रमण से पहले और उसके बाद का जीवन एक जैसा नहीं होगा। मोदी ने सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में भी यही संकेत दिए थे कि लॉकडाउन एकसाथ नहीं हटाया जाएगा। इसके अलावा 5 राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्री भी लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं। इस संबंध में 11 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक है। इसके बाद इस पर कोई फैसला हो सकता है। 

By Vishal

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