स्क्रेप काण्ड का मास्टर मांइड अजगर खान गिफ्तार

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  • रिमांड पर न लिए जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर शंका
  • पत्रकार वार्ता ना बुलाए जाने से पत्रकारों में नाराजगी
  • 5 लाख 20 हजार के स्क्रेप चोरी के मामले में ठेकेदार गिरफ्तार

सारनी। 21 मार्च को मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के तौल काटे से क्षमता से 13 टन अधिक स्क्रैप के मामले में सारनी पुलिस के माध्यम से भारत स्टील ट्रेडर्स के मालिक अजगर खान पिता गौरी खान निवासी बेंगलुरु कर्नाटक को गिरफ्तार करके न्यायालय भेजने का कार्य किया गया है। बताया जाता है कि 21 मार्च की रात में के ए-01 एएच 7710 ट्रक में 16 टन के बजाय 29 टन लोहा पाया गया लगभग 13 टन स्क्रीन जिसका बाजार मूल्य ₹520000 आंका जा रहा था इस मामले में ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया जा चुका है और आज सारणी पुलिस ने भारत स्टील ट्रेडर्स के मालिक अजगर खान के खिलाफ भी चोरी का मामला दर्ज करके उसे न्यायालय भेज दिया है। अब सबसे बड़ा जांच का विषय यह है किस स्क्रेप काण्ड का मास्टरमाइंड अजगर खान को आनन फानन पुलिस ने कहां से गिरफ्तार किया और बगैर पूछताछ कीये उसे तत्काल जिला कोर्ट के लिए रवाना कर दिया वह भी लग्जरी गाड़ी से और कोर्ट में पेश करते हुए उसकी रिमांड न लिया जाना संदेह उत्पन्न करता है। पुलिस कई अअनसुलझे जवाब की बगैर जांच पड़ताल की ये उसे कोर्ट में पेश करने की क्या जल्दी थी।  अगर रिमांड में लेते तो  कई सारी बातों का खुलासा होता स्क्रेप कांड में कौन-कौन लोग शामिल थे किस की मिलीभगत से इतना बड़ा स्क्रैप कांड को अंजाम दिया गया । लेकिन पुलिस का रवैया  समझ में नहीं आ रहा जरा जरा सी बात पर पत्रकार वार्ता बुलाने वाले अधिकारी पत्रकार वार्ता करने से बचते रहे कही पत्रकार वार्ता मे  ढेर सारे प्रश्नों का जवाब कहीं खुल न जाए इस अनसुलझी कहानी का लोकल मास्टरमाइंड कौन था उसे दबा दिया गया । उन्होंने इतने बहुचर्चित मामले को आनन फानन स्क्रैप कांड के मास्टरमाइंड कोर्ट में पेश करके और  मध्यप्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के  पेटी कांटेक्टर सहित अन्य लोगों पर पुलिस मेहरबान क्यों है यदि चोरी का जब मामला पंजीबद्ध किया जाना था लेकिन जबलपुर मुख्यालय से आई टीम के माध्यम से स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर ही सवालिया निशान खड़ा किया गया है। इसके अलावा परासिया के एक स्क्रैप व्यापारी का भी इस प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है जबकि 21 मार्च की रात को एबीटाइप के स्क्रैप चोर सहित अन्य लोग भी स्क्रैप के वाहन के पीछे रात भर घूमते रहे  पुलीश स्क्रेप  चोरो सहित अन्य लोगों को क्यों बचाने का कार्य कर रही है।नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी के माध्यम से सारनी थाने के इस बहुचर्चित स्क्रैप कांड के फाइल का एक बार अवलोकन किया जाना चाहिए अन्य लोगों पर भी चोरी का मामला पंजीबद्ध किया जाना चाहिए।सोशल मीडिया अखबार मे यह मामला सुर्खियों में आने के बाद मध्यप्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के माध्यम से सात लोगों को निलंबित और चार लोगों का स्थानांतरण ताप विद्युत गृह सारनी से किया गया यदि कंपनी के अधिकारी पाक साफ है तो इन पर इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी थी जो क्षेत्र मे चर्चा का विषय बना हुआ है।

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