
सारनी। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) की स्थापना के 50 वर्ष पूरा होने पर सीटू पाथाखेड़ा एरिया में स्थापना दिवस मनाया गया। सीटू राज्य कमेटी सदस्य कालिका प्रसाद, एरिया महामंत्री अशोक बुन्देला ने जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना महामारी की वजह से स्थापना दिवस सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए मनाया गया। और श्रम कानून मे संशोधन व काम के घंटे को 12 घंटे करने के खिलाफ सभी मजदूरों को संगठित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए मजदूरों के संघर्ष की पहचान हंसुआ हथौड़ा युक्त झंडे के समक्ष मशालें लिये सीटू पाथाखेड़ा कार्यकर्ताओं ने इस पचासवें स्थापना को मनाया। आज से पचास साल पहले हुई थी सीटू की स्थापना, कलकत्ता में 26 मई से 30 मई तक एक समेलन हुआ। जिसमें श्रमिकों किसानों और देश के हर मज़दूर वर्ग की लड़ाई को लड़ने के लिये 30 मई सन्न 1970 को स्थापित हुआ। पूरी दुनिया में सिर्फ एक ऐसा संगठन हैं पूरी दुनिया के मज़दूरों कि लडाई मे आगे रहता है। सीटू महासचिव अशोक बुन्देला ने संघर्ष में आम मज़दूरों द्वारा निभाई गई भूमिका के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि “संघर्ष” श्रमिकों की परंपरा रही है। इस दौरान सीटू के एरिया कार्यकारणी अध्यक्ष कुतुबुद्दीन, एरिया कल्याण समिति सदस्य जगदीश डिगरसे, एरिया आवास आवंटन समिति जगदीश रघुवंशी सहित सभी इकाई के अध्यक्ष सचिव और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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