सिंधिया बोले- बहुत चील बैठे हैं मुझे नोचने के लिए, आओ मुझ पर हमला करो, जो अच्छा होता है उसी को निशाने पर लिया जाता है

Estimated read time 1 min read
  • भाजपा कार्यालय में वर्चुअल रैली में शामिल होने के दौरान उपलब्धियां गिनाई और कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा
  • कहा- कोरोना के कारण मैंने बहुत भुगता है, 30 दिन लगे उबरने में, मेरे किसी दुश्मन को भी यह बीमारी न हो

भोपाल. मध्यप्रदेश में जुबानी सियासत तेज होती जा रही है। एक दिन पहले सिंधिया के टाइगर अभी जिंदा है वाले बयान को लेकर कांग्रेस नेताओं ने एक के बाद एक कई हमले किए। अब सिंधिया ने पलटवार करते हुए कहा- आज मेरे पास बहुत चील साइड- साइड बैठे हैं, मुझे नोचने के लिए। नोचा भी उसे जाता है, जिसमें कुछ अच्छा होता है। करो मुझ पर जितना हमला करना है। मैंने कल भी कहा था और आज भी कहता हूं- टाइगर अभी जिंदा है।

दअरसल, सिंधिया ने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में सरकार के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कमलनाथ सरकार पर एक के बाद एक कई हमले किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, केंद्रीय मंत्री पहलाद पटेल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उपलब्धियों के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का उद्धाटन किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, केंद्रीय मंत्री पहलाद पटेल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने उपलब्धियों के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का उद्धाटन किया।

पीएम ने लॉकडाउन का फैसला नहीं लिया होता तो लाशों के ढेर लग जाते: ज्योतिरादित्य
सिंधिया ने कहा, ‘मुझे कोरोना हो गया था। मानसिक तनाव काफी था। काफी कुछ भुगता है। उससे उभरने में मुझे 30 दिन लग गए। यह बीमारी घातक है। कामना करता हूं कि मेरे किसी दुश्मन को भी यह न हो। अभी यह खत्म नहीं हुई है। अभी दो से तीन महीने और हमें इससे बचना है। सावधानी बरतना जरूरी है। अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें। प्रधानमंत्री के लॉकडाउन का विरोध करने वाले समझ लें, अगर हमारे प्रधानमंत्री ने यह निर्णय नहीं लिया होता तो लाशों के ढेर लग जाते।’

एक दल ने देश में आपातकाल लगाया
सिंधिया ने कहा- प्रधानमंत्री में दूरदर्शिता के साथ सही निर्णय लेने का साहस भी है। चीन के सैनिकों को हमारे जवानों ने धूल चटाई। आज हमारे प्रधानमंत्री लेह पहुंचकर जवानों का हौसला बढ़ा रहे हैं। ये है सशक्त नेतृत्व का परिणाम। एक दल जिसने आपातकाल इस देश में लगाया। कई लोग कहेंगे कि आपने पार्टी बदली है और इसलिए आप आज आपातकाल की बात कर रहे हैं। मैंने कांग्रेस में रहकर भी आपातकाल का विरोध किया था और आज भी उसका विरोध करता हूं। कल भी सच का साथ देता था और आज भी उसी के साथ हूं। जो सही है, वह सही है। जो गलत है, वह गलत है। 

More From Author

+ There are no comments

Add yours