सार्वजनिक उद्योगों का निजीकरण विनिवेश देश हित में नहीं

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सारनी। राष्ट्रीय एटक यूनियन की वर्चुअल मीटिंग हुई 6 मार्च को हुई जिसमे करीब 20 पदाधिकारी मीटिंग में शामिल हुई बैठक में केन्द्रीय सरकार द्वारा 100 सार्वजनिक उपक्रमों में  निजीकरण की घोषणा, 4 बैंको का निजीकरण, 4 श्रम संहिता लागू होने, मंहगाई, किसान आंदोलन आदि मुद्दो पर विचार विमर्श हुआ। वही दिल्ली में हुई संयुक्त श्रमिक संगठनों की बैठक में लिए गए निर्णयों को अमल में लाने के लिए कई योजनाएं बनाई गई। डॉ कृष्णा मोदी ने कहा एटक ने अपनी संबंधित यूनियनों, कामकाजी लोगों और आम जनता से सरकार की इन नीतियों का विरोध करने का आह्वान करता है अगर समय रहते हमने एकता बनाकर नही लड़े तो इसका परिणाम आने वाली पीढ़ी पर दिखेगा।

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