सामाजिक समरसता के प्रतीक है भगवान वाल्मिकी – डाॅ. पंडाग्रे

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  • अजा मोर्चा ने वाल्मिकी जयंती पर किया सम्मान

बैतूल। महान धार्मिक ग्रंथ की रचना करने वाले भगवान वाल्मिकी सामाजिक समरसता के प्रतीक है। उक्त उदगार आमला के विधायक डाॅ. योगेष पंडाग्रे ने जिला मुख्यालय बैतूल में वाल्मिकी कालोनी में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम वाल्मिकी जयंती पर व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा जिला अध्यक्ष किषोर मोहबे ने की। कार्यक्रम में कोरोना वारियर्स, प्रतिभावान बच्चों, बुजुर्गाे का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में विधायक डाॅ. पंडाग्रे ने कहा कि भगवान वाल्मिकी द्वारा रचित रामायण रामचरित्र के माध्यम से हमे जीवन के सत्य व कर्तव्य से परिचित कराता है। अध्यक्षता कर रहे मोर्चा जिलाध्यक्ष किषोर मोहबे ने भगवान वाल्मिकी के जीवन चरित्र पर प्रकाष डालते हुए कहा कि एक घटना ने डाकू रत्नाकर का जीवन इतना बदल दिया कि वे एक महान संत बन गए। उनके द्वारा रचित महाकाव्य रामायण आज घर-घर में पूजा जाता है। कार्यक्रम में वाल्मिकी समाज के अध्यक्ष कमलेष चित्रहार, मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीष जौंधलकर, जिला महामंत्री अनिल मंडलकर, गंज मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा, कोठीबाजार मंडल अध्यक्ष विक्रम वैद्य, पार्षद ममता भटट, पूर्व नगर अध्यक्ष राजेष आहूजा, सतीष बौंरासी, अरूण नाकोड़े सुरेष गायकवाड़, रिंकू करोसिया सहित मोर्चा कार्यकर्ता और वाल्मिकी समाज के बंधु उपस्थित थे।

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