सफलता की कहानी- दुर्गम क्षेत्र भडांरपानी में पहुंचे स्वास्थ्य दूत

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कोविड-19 बचाव एवं रोकथाम हेतु मानवता की सेवा में जुटे हैं स्वास्थ्य एवं वनकर्मी

बैतूल। स्वास्थ्य कर्मियों एवं वन विभाग का दल विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी से लगभग 42 किमी दूर दुर्गम क्षेत्र में पहाड़ की ऊंचाइयों पर बसे ग्राम भंडारपानी में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 11 अप्रैल को सुबह 6:00 बजे रवाना हुआ। दोपहर 12 बजे से ग्राम भंडारपानी में निवासरत समस्त नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही कोरोना से बचाव हेतु स्वास्थ्य शिक्षा दी जा रही है और बीमारियों से पीडि़त लोगों का उपचार भी स्वास्थ्य दल के द्वारा किया जा रहा है। निश्चित रूप से संकट की इस घड़ी में स्वास्थ्य विभाग के दूतों द्वारा दृढ़ संकल्प के साथ इतनी ऊंचाइयों पर पहुंच कर अपनी सेवाएं प्रदान करना पीडि़त मानवता की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण है। स्वास्थ्य दल में श्री रूपलाल परते, श्री गोपाल शर्मा, श्री सुखचंद उईके, श्री अनिल सातनकर, श्री शैलेंद्र वामनकर एवं वन विभाग के दल में श्री केवलराम भलावी,  फॉरेस्ट गार्ड श्री बबलू भूसूनकर आवश्यक सेवाएं देने पहुंचे।

अनुविभागीय अधिकारी शाहपुर सुश्री हरसिमरन प्रीत कौर के निर्देशन में 11 अप्रैल 2020 को बीएमओ घोड़ाडोंगरी डॉ. संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में ग्राम भंडारपानी के निवासी श्री सुखलाल अटकोम एवं श्री शेखलाल अटकोम द्वारा स्थानीय निवासियों को एकत्रित कर 51 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, जिसमें ज्यादातर मरीज हाथ-पैर दर्द, बदन दर्द और 5 मरीज हल्के सर्दी जुकाम के पाए गए। सभी लोगों का स्वास्थ्य दूतों के द्वारा पूर्ण उपचार किया गया।

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