सारनी। विद्युत नगरी के सतपुड़ा जलाशय में फैली जलीय खरपतवार एवं चायनीज झालर का मुद्दा बुधवार को लोकसभा में गूँजा। बैतूल, हरदा, हरसूद क्षेत्र के सांसद दुर्गादास उइके ने “लोक महत्व के अविलम्बनीय मुद्दे” पर बोलते हुए सदन का ध्यान इस मुद्दे पर आकर्षित किया एवं जल शक्ति मन्त्रालय से सतपुड़ा जलाशय को स्वच्छ करने की मांग पुरजोर तरीके से रखी। सदन में लोक महत्व के अविलम्बनिय मुद्दे पर चर्चा के दौरान सांसद उइके ने कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्र के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी में स्थित सतपुड़ा जलाशय का अस्तित्व खतरे में है। सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए सांसद उइके ने कहा कि तवा नदी को बांधकर तीन हजार एकड़ में निर्मित इस जलाशय से 1300 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाला सतपुड़ा ताप विद्युत गृह का संचालन होता है। वहीं 50 हजार की आबादी वाले एमपीजीसीएल एवं डब्लूसीएल की कालोनियों के अलावा नगर की एक लाख की आबादी के लिए पेय जल की आपूति इसी जलाशय से होती है। चाइनीज झालर का मुद्दा लोकसभा में उठाते हुए सांसद उइके ने कहा कि 600 मछुआरा परिवारों की आजीविका इसी जलाशय पर आश्रित है। सारनी नगर के आस पास लगभग 100 गांवों में भू-जल स्तर को बनाए रखने में इस जलाशय की महत्वपूर्ण भूमिका है। सांसद ने लोकसभा स्पीकर को अवगत कराया कि पिछले कुछ वर्षों से एक विशेष प्रकार का जलीय खर पतवार (साल्विनिया मोलेस्टा) ने पूरे डेम को ढक लिया है। डेम का अस्तित्व खतरे में पड़ जाने के कारण यहाँ का जनजीवन भी खतरे में पड़ गया है। इस जलाशय का अधिपत्य रखने वाली मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कम्पनी बजट के अभाव में जलाशय की सफाई में असमर्थता व्यक्त कर रही हैं। सांसद ने क्षेत्र की एकमात्र बड़ी जलसंरचना सतपुड़ा जलाशय को जलीय खर पतवार से मुक्त कर सम्पूर्ण जलाशय की सफाई हेतु संसद में मांग रखी। उन्होंने सदन में इस बात का भी उल्लेख किया कि जल चिंतक मोहन नागर के नेतृत्व में सैकड़ो सामाजिक कार्यकर्ता सामूहिक श्रमदान से जलाशय को स्वच्छ बनाने में जुटे हैं। सांसद द्वारा इस मुद्दे को लोकसभा में उठाए जाने के बाद सतपुडा जलाशय अभियान से जुड़े सभी श्रमदानियों में हर्ष का माहौल है और जनता में के जीर्णोद्धार को लेकर उम्मीद जगी है। भाजपा नेता कमलेश सिंह, मछुआरा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक मोहन मोरे, बीएमएस के कमल भावसार, भोजपुरी एकता मंच के रंजीत सिंह, कुनबी समाज के माणिक राव धोटे, नपा उपाध्यक्ष भीम बहादुर थापा, अमित सपरा, दिलीप झोड़, सुनील भरद्वाज सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने सांसद उइके का आभार माना है।
लोकसभा में गूँजा सतपुड़ा जलाशय का मुद्दा, सांसद दुर्गादास उइके ने संसद में उठाई आवाज
Posted on by Vishal
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