राज्य के करोड़ों यात्रीयों के परिवहन का फैसला उच्च न्यायालय जबलपुर करेगा- कृष्णा मोदी

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सारनी। 23 मार्च 2020 से कोविड-19 महामारी को देखाते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी के आव्हान पर सम्पूर्ण देश में लॉक डाउन कर्फ्यू दफा 188, 144 की धारा लगायागया था। जिसके अंतर्गत देश में रेल्वे, परिवहन द्वारा मिलने वाली सहूलियतों को एकाएक बंद कर दिया गया था। जिससे देश की आमजनता को कितनी परेशानी हुई है। यह सब से आप भलिभांति परिचित है पुन: पिछले माह जून के अंत में परिवहन सम्पूर्ण भारत के सभी राज्यों में शुरू हो गया है। परन्तु मध्यप्रदेश सरकार एवं मध्यप्रदेश बस मालिकों एवं आपरेटरों ने इसे अभी तक नही माना है। जिससे करीब रोजाना 1.50 करोड़ यात्री परिवहन किया करते थे अभी सब वंचित है रोजाना उनकी परेशानीयों को देखते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कृष्णा मोदी एवं भोपाल की समाजसेवी सुशीलादेवी शर्मा ने दिनांक 10/07/2020 को मध्यप्रदेश राज्य के उच्च न्यायलय जबलपुर
में भारत सरकार एवं अपने आप को जनता की सरकार को कहने वाली सरकार के खिलाफ
जनहित याचिका वकील अशोक श्रीवास्तव,स्वप्निल ठारे,हार्दिक श्रीवास्तव,सुबोधचन्द्र सारे,सुनील तिवारी, चन्द्रकला श्रीवास्तव, मुकेश श्रीवास्तव वरिष्ठ अधिवक्ता गणों के द्वारा जनहित याचिका लगा दी है। जिसको सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। जिसका नम्बर WP/9829/2020 है। जनहित याचिका में प्रार्थना की है कि सम्पूर्ण भारत में सिर्फ मध्यप्रदेश सरकार ने 2005 में राज्य परिवहन बंद कर दिया पहले अनुबंध द्वारा चलवाया पश्चात निजी बस मालिकों के द्वारा चलवाया जा रहा है। सार्वजनिक उद्योग व सरकार की बसे रहती तो जून के अंतिम सप्ताहमें शुरू हो जाती। अभी राज्य परिवहन विभाग है। परन्तु बंद नही हुआ है। करीबन अधिकारी
एवं श्रमिक 300 लोग कार्यरत है। ऐसा हमे ज्ञात हुआ है कि मध्यप्रदेश के बस मालिकों ने कहा है कि बसों पर से सम्पूर्ण टैक्स माफ किया जाए। सरकार उनकी मांगों को पूरा न कर उससे संबंधित करीब 60 हजार ड्राईवर एवं 90 हजार हेल्पर कण्डक्टर लोगों को भुखा मार रही है। याचिका में निवेदन किया है कि उच्च न्यायलय जबलपुर याचिका में दर्शायी गयी बातों पर जांच कर एक करोड़ 50 लाख यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए उन्हे राहत पहंचाने हेतु शासन को उचित निर्देश जल्द से जल्द देने का कष्ट करे।

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