- कथा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में कथा स्थल पर श्रद्धालु रहे उपस्थित


सारनी। मनुष्य का जीवन चार चवन्नी के समान है जिसे चार भागों में बांटा गया है जिसमें जन्म बचपन युवा और बुढ़ापा शामिल है मनुष्य का जन्म जब होता है तब उसकी मृत्यु निश्चित रहती है लेकिन मनुष्य अहंकारी रूबी दानों के वश में होकर प्रभु से जतन लगाना प्रभु की श्रद्धा सुमन करना भूल जाता है। जिसकी वजह से अंत के समय काल में उसे अपने जीवन का लेखा-जोखा याद आता है यह बात गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं संगीतमय रामकथा कार्यक्रम के दूसरे दिन उत्तरप्रदेश के झांसी से पधारे पंडित अरुण गोस्वामी महाराज के मुखारविंद से बैकुंठ धाम आश्रम प्रांगण में व्यक्त करने का कार्य किया गया। उन्होंने अपने कथा में कहा कि भगवान का स्मरण करना अपने जीवन की मुक्ति का एक मार्ग है उन्होंने कहा कि रुपए की वैल्यू भी है लेकिन घर सांसारिक जीवन व्यतीत करने के लिए जितनी मात्रा में धन अर्जित करना चाहिए उतना आवश्यक है लेकिन धर्म के पीछे समाज संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन को छोड़ दें यह गलत है। वर्तमान परिवेश में पश्चिमी सभ्यता धीरे-धीरे महानगरों में हावी होने लगी महानगर से इस सभ्यता को ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने में समय नहीं लगेगा ऐसी स्थिति में अपने बच्चों को सांसारिक ज्ञान आध्यात्मिक जानकारी देना बहुत जरूरी है। आने वाली पीडी सोशल मीडिया के इर्द-गिर्द घूम कर अपनी मूल उद्देश्य को खोते जा रही है जो समाज के लिए घातक सिद्ध होगा। उत्तर प्रदेश के झांसी से पधारे पंडित अरुण गोस्वामी महाराज ने अपनी कथा में कहा कि पुत्र और पुत्रियों को पढ़ाना और संस्कार देना यह घर के पिता और उनकी माता का कर्तव्य बनता है उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को प्रतिदिन भगवान की स्मरण हनुमान चालीसा का पाठ और मंदिर आवागमन करना सिखाना चाहिए जिससे सनातन धर्म का महत्व बढ़ेगा उन्होंने कहा कि जिस तरह से गैर सनातन धर्म के लोग अपने बच्चों को 3 वर्ष की आयु में ही उनके ग्रंथ को पढ़ाना शुरू कर देते हैं उसी तरह सनातन धर्म के लोगों को भी अपने बच्चों को 3 से 5 वर्ष की आयु में गीता,रामायण,भगवत का अध्ययन करना चाहिए जिससे बच्चों में हमारी संस्कृति के प्रति लगाव और जिज्ञासा बढ़ेगी। बैकुंठ धाम आश्रम के संस्थापक सीता राम दादा जी ने कहा कि 9 से 12 जुलाई तक बैकुंठ धाम आश्रम प्रांगण में संगीत में श्री राम कथा का वाचन किया जा रहा है और 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर प्रांगण में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें बैतूल जिले के अलावा अन्य जिले के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आश्रम पहुंचेंगे उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि कार्यक्रम स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। कार्यक्रम स्थल पर नंदकिशोर पाठक, ओमप्रकाश सिंह रघुवंशी,इमरत लाल पंवार,लक्ष्मण पवार, आनंद मीणा,ओम प्रकाश जोशी,भगवान सिंह,दिलीप सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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