सारनी। एक तरफ मनरेगा जहां प्रवासी श्रमिकों का सहारा बनकर उनकी जीविकोपार्जन का साधन बनी है वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार का सबसे बड़ा जरीया भी है। इसका प्रमाण दिनांक 13 जून 2020 की मनरेगा की श्रम नियोजन की रिपोर्ट है जिसमें 14634 श्रमिको को रोजगार उपलब्ध कराया जो कि विगत 13 वर्ष में सबसे अधिक है। जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी में अपने विकासखण्ड क्षेत्र में सबसे अधिक ग्रामीणों को रोजगार मुहैया करा रही है वही जिले की सभी 10 जनपदों में सबसे अधिक श्रमिक नियोजित कर वित्तिय वर्ष 2020-21 हेतु निर्धारित लेबर बजट की 57 प्रतिशत एवं माह जून 20 तक निर्धारित बजट की 157 प्रतिशत पूर्ति वर्ष के प्रथम पाक्षिक में ही कर चुकी है। एक तरफ जहां मनरेगा से रोजगार का सृजन हो रहा है वहीं इस वित्तिय वर्ष में जल संरक्षण व संग्रहण के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये 12 तालाब, 39 चैक डेम के कार्य एवं स्थानीय नदी फोफस एवं धाराखोह के कैचमेन्ट एरिया में 102 छोटे बड़े स्ट्रक्चर जैसे कन्टूर ट्रेंच, गली प्लग, बोल्डर चैक एवं रिचार्ज स्ट्रक्चर के कार्य पूर्ण किये गये व 588 हितग्राही मूलक कार्य जिसमें 48 सिंचाई कूप, 4 खेत तालाब के तथा 536 आवास निर्माण तथा ग्रामीण बसाहटो में सुगम्य परिवहन हेतु 15 सी सी सड़क व 1 ग्रेवल सुदुर सड़क का कार्य पूर्ण करा कर कुल 762 परिसम्पत्तियों का सृजन किया गया व वर्तमान में 554 व्यक्ति मूलक जिसमें 112 सिंचाई के कार्य तथा 150 समुदाय मूलक कार्य जिसमें 143 जल संरक्षण की संरचनाओ का कार्य जारी हैं।
मनरेगा में पिछले 13 साल में सबसे अधिक श्रमिक नियोजित कर बनाया रिकार्ड
Posted on by Vishal
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