बैतूल। बैतूल में ईवीएम और मतदानकर्मियों को लेकर लौट रही बस में आग लग गई। इसमें 4 ईवीएम जल गई हैं। हादसा साईखेड़ा थाना क्षेत्र के सोनोरा गौला के पास मंगलवार रात 11 बजे हुआ। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। कर्मचारी खिड़कियों के कांच तोड़कर कूद गए। बस साईखेड़ा क्षेत्र में मतदान के बाद कर्मचारियों और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) लेकर बैतूल आ रही थी। इसमें 6 मतदान केंद्रों के कर्मचारी सवार थे। पीठासीन अधिकारी मुन्नलाल ने बताया कि पोलिंग टीम ने बस की खिड़की से कूदकर जान बचाई। कुछ टीम की मशीनें जल गईं। उनके साथ रखा सामान और बैग जल गए। छह मतदान दलों के पास बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवी पैट थीं। मेरी वीवी पैट, मत पत्र, सील वगैरह जल गईं। बस ड्राइवर प्रकाश पवार ने भी कूदकर जान बचाई।
कर्मचारियों को दूसरी बस से बैतूल लाया गया
सूचना मिलते ही कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी भी मौके पर पहुंचे। बैतूल, मुलताई और आठनेर से फायर ब्रिगेड को मौके पर भिजवाया गया। टीम ने जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। वहीं, कर्मचारियों और ईवीएम को लाने के लिए दूसरी बस भेजी गई। इसके बाद उन्हें बैतूल लाया गया।
बस के गियर बॉक्स से भड़की आग
बताया जा रहा है कि बस के गियर बॉक्स में आग लगी, जो तेजी से फैली। आग देख ड्राइवर प्रकाश ने मतदानकर्मियों को तत्काल नीचे उतरने का कहा और बस धीमी कर नीचे कूद गया। बस में मुलताई विधानसभा के मतदान केंद्र क्रमांक 275 रजापुर, 276 डूंडर, 277 गेहूंबारसा 1,278 गेहूंबारसा 2, 279 कुंदारैयत और 280 चिखली माल मतदान केंद्र के मतदान कर्मी सवार थे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया, घटना की रिपोर्ट बनाकर चुनाव आयोग को भेज दी गई है। चुनाव आयोग तय करेगा कि इन मतदान केंद्रों पर रिपोलिंग कराना है या नहीं।
कलेक्टर बोले- चार बूथ की मशीनें जली हैं
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि मुलताई विधानसभा क्षेत्र के छह मतदान केंद्रों की कुछ सामग्री जली है। मतदान दल सुरक्षित हैं। लोग कांच तोड़कर बस से निकले। एक कर्मचारी को चोट आई है। दो मतदान केंद्र की मशीनें सुरक्षित हैं। चार केंद्रों में से कुछ की मशीनें और वीवी पैट जली हैं। चुनाव आयोग और सीईओ मध्यप्रदेश को रिपोर्ट भेज रहे हैं। ऑब्जर्वर को भी रिपोर्ट दी है। आयोग से निर्देश आने के बाद चार मतदान केंद्रों को लेकर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर का कहना है कि बस लंबा सफर तय कर चुकी थी। अचानक स्टीयरिंग और इंजन के पास आग लगी और तेजी से फैल गई। यह सामान्य घटना है। इसके पीछे किसी की कोई दुर्भावना नहीं थी, इसलिए किसी की जिम्मेदारी भी तय नहीं कर सकते। बस नई थी, इसलिए ड्राइवर और बस मालिक को कोई दोष नहीं दे सकते।
बैतूल-हरदा लोकसभा में 8 विधानसभा सीटें हैं
बैतूल-हरदा लोकसभा में 8 विधानसभा हैं, जिनमें बैतूल जिले की 5 बैतूल, मुलताई, घोड़ाडोंगरी, भैंसदेही और आमला शामिल है। वहीं, हरदा जिले से 2 हरदा, टिमरनी और खंडवा जिले से हरसूद सीट भी इसमें आती हैं। बैतूल जिले में 1581 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जबकि हरदा जिले के हरदा और टिमरनी के अलावा खंडवा जिले के हरसूद में 774 केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
बैतूल-हरदा लोकसभा सीट पर 75.72% मतदान
बैतूल-हरदा लोकसभा सीट के लिए मंगलवार शाम 6 बजे मतदान थम गया। यहां पर 75.72% फीसदी लोगों ने वोट डाला। इस बार यहां से 8 प्रत्याशी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के डीडी उईके और कांग्रेस के रामू टेकाम के बीच है। विधानसभा क्षेत्र में कुल 2,32,293 मतदाता हैं। इसमें 1,18,893 पुरुष और 1,13,393 महिला मतदाता और 7 अन्य मतदाता शामिल हैं।
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