भूमिगत खदान में कोयले की चट्टान गिरने से दो लोगों की मौत एक घायल

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  • श्रमिक संगठन के पदाधिकारी और ठेका मजदूरों ने जमकर किया हंगामा सुरक्षा व्यवस्था में जुटी पुलिस

सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पाथाखेड़ा की भूमिगत खदान में बीती रात 10:30 बजे रूभाल  का काम करते समय कोयले की चट्टान गिर जाने के कारण दो मजदूरों की मौत हो गई है।जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पाथाखेड़ा के एरिया अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि तवा वन खदान के डब्लू -सात बगडोना सेक्शन में ठेका मजदूर भोला और डब्ल्यूसीएल का कर्मचारी चेतराम रूप फाल का काम कर रहे थे कि अचानक पत्थर की चट्टान गिर जाने के कारण भोला और चेतराम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे डब्ल्यूसीएल के एरिया अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया है। पाथाखेड़ा क्षेत्र की भूमिगत खदानों में श्रमिकों के अधिकारो के लिए संघर्ष करने वाले श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों को खदान में दुर्घटना होने की जानकारी लगते ही डब्ल्यूसीएल की एरिया अस्पताल में रात 12 बजे से पहुंचकर इसका जमकर विरोध किया है। शनिवार को स्थिति को देखते हुए सारनी एसडीओपी रोशन कुमार जैन,थाना प्रभारी रत्नाकर हिगवे, पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी राहुल रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल पाथाखेड़ा एरिया अस्पताल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था करने में जुटी हुई थे। श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि डब्ल्यूसीएल के कर्मचारियों को तो पैसा मिल जाएगा लेकिन ठेका मजदूर का क्या होगा जिस पर डब्ल्यूसीएल के अधिकारी के द्वारा सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई की ठेका मजदूर के परिजनों को 29 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा और डब्ल्यूसीएल के कर्मचारी को 82 लाख रुपए की राशि दी जाएगी डब्ल्यूसीएल के कर्मचारी के परिजनों को नौकरी देने का कार्य भी किया जाएगा इसके अलावा ठेका मजदूर को 29 लाख रुपए का चेक मंगलवार को तक के दिया गया है तब जाकर मामला शांत हो पाया पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम करके विवेचना शुरू कर दी है। बाकी के जांच का काम डीडीएमएस नागपुर के माध्यम से किया जाएगा ।

9 से 26 मई तक चल रहा है सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान

वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की 58 खदानों में सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान के अंतर्गत डब्ल्यूसीएल के 11 टी एस सी सदस्य खदानों का निरीक्षण करके वहां पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं यह कार्य 9 मई से 26 मई तक संचालित होगा लेकिन पाथाखेड़ा के तवा वन खदान में 13 मई की रात को गंभीर दुर्घटना हो जाने के कारण 2 कामगारों की मौत हो गई जिसमें एक ठेका मजदूर और दूसरा डब्ल्यूसीएल का कर्मचारी है अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस स्थान पर डब्लू सात बगडोना सेक्शन में काम चल रहा था वहां पर जो रुपफाल के नट कसे जा रहे थे वह क्या खराब थे घटिया किस्म के थे यदि वह बेहतर होते तो इस तरह की घटना नहीं होती डब्ल्यूसीएल की भूमिगत खदानों में अभी तक जितनी भी घटनाएं हुई है उसमें ज्यादातर रूप वोटिंग करते समय हुई है कहीं ऐसा तो नहीं एडब्ल्यूपीएल के जिम्मेदार अधिकारी घटिया रूप वोटिंग की खरीदी कर रहे हैं जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान को गवा कर देना पड़ रहा है। यदि ऐसा है तो इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटना दोबारा ना हो सके।

श्रमिक संगठनों ने जमकर किया विरोध

भूमिगत खदानों में काम करने वाले कर्मचारी अधिकारियों के लिए संघर्ष करने वाले श्रमिक संगठन के पदाधिकारियों को लंबे अरसे के बाद डब्ल्यूसीएल प्रबंधन के खिलाफ हल्ला बोलने का अवसर मिला था हालांकि लंबे समय से पाचो श्रमिक संगठन के माध्यम से ठेका मजदूरों को उचित वेतन और उपचार के अलावा मुआवजे की मांग होती रही लेकिन प्रबंधन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी थी लेकिन शुक्रवार रात को हुई घटना में श्रमिक संगठन के सभी पदाधिकारियों ने एकजुटता का परिचय देते हुए मृतक के परिजनों को एवं पुलिस प्रशासन और प्रबंधन की उपस्थिति में लिखित रूप से आश्वासन दिया गया तब जाकर प्रबंधन और श्रमिक संगठन के बीच सामंजस्य बना उसके बाद शव का पोस्टमार्टम करा कर दोनों शव को भेजा गया एक शव को छिंदवाड़ा जिले गया तो दूसरे शव को खैरवनी भेजा गया। तब जाकर मामला शांत हो पाया था।

श्रमिक संगठन के कई नेता दबी जुबां से यह तक कहने से नहीं चूक रहे थे कि पाथाखेड़ा क्षेत्र की एरिया महाप्रबंधक की श्रमिक संगठनों से सामंजस ना होने के कारण भी श्रमिक संगठन के पदाधिकारी मृतक कामगारों के आड़ में जमकर अपना आक्रोश दिखा रहे थे खैर मामला जो भी हो लेकिन डब्ल्यूसीएल की भूमिगत खदानों में ठेका मजदूरों को पहली बार डब्ल्यूसीएल प्रबंधन के द्वारा 29 लाख रुपए की राशि मुआवजे के तौर से दी गई है जिससे आदिवासी युवक भोला नरे का परिवार और परिजन कुछ कर सकेगा।

इनका कहना है
मामले में मर्ग कायम कर की विवेचना डीडीएमएस नागपुर के माध्यम से की जाएगी शनिवार को हुई घटना में सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान दिया गया प्रबंधन की ओर से पूरा सहयोग प्रदान किया गया है। ठेका मजदूर को भी शासन के नियमानुसार मुआवजा दिया गया है।
रोशन कुमार जैन एसडीओपी सारनी
तवा वन खदान के डब्ल्यू सात में रूभाल हो जाने के कारण चेतराम डब्ल्यूसीएल का कर्मचारी और ठेका मजदूर भोला नरे की घटनास्थल पर मौत हो गई है जबकि सुनील घायल है ठेका मजदूर को भी डब्ल्यूसीएल प्रबंधन के माध्यम से 29 लाखों रुपए की सहायता राशि दी गई है। जबकि डब्ल्यूसीएल के कर्मचारी के आश्रित को नौकरी दी जाएगी। और नियम अनुसार पैसा दिया जाएगा।
भरत सिंह श्रमिक संगठन नेता पाथाखेड़ा

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