सारनी। भारत सरकार द्वारा जैसे ही लॉकडाउन में ढील देने की प्रक्रिया चालू की तो सरकार द्वारा सबसे पहले विदेशी कंपनी और ऑनलाइन ट्रेडिंग करने वाली कंपनियों को लॉकडाउन से राहत दी गई जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वैसे ही 40 दिन के लॉकडॉउन से छोटे व्यापारी की कमर टूट गई है, सरकार द्वारा हजारों करोड़ों रुपए के राहत पैकेज की बात की गई। किंतु किसी भी प्रक्रिया में छोटे व्यापारियों तक सरकार की किसी भी योजना की पहुंच नहीं है। उलटे लॉकडाउन की ढील के साथ ही ऑनलाइन ट्रेडिंग को अनुमति देने से बचा-कुचा व्यापार भी नष्ट हो जायेगा। व्यापारी संघ के अध्यक्ष रमेश हारोडे ने बताया कि सरकार के पक्षपात पूर्ण रवैया से व्यापारियों में सरकार के प्रति आक्रोश है। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कालीमाई व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष मुख्तार कादरी ने बताया कि सरकार द्वारा घोषित शासकीय सहायता में छोटे व्यापारियों के लिए कुछ नहीं है। 40 दिन लॉकडाउन का समर्थन करने के बाद व्यापारियों को आस थी कि लॉकडाउन खुलते मार्केट में तेजी आएगी किंतु सरकार द्वारा ऑनलाइन व्यापार कर रही विदेशी कंपनी जैसे फ्लिपकार्ट, अमेजॉन, स्नैपडील को ऑनलाइन व्यापार की अनुमति दी गई है। जिससे कि व्यापारियों की उम्मीद पर काला चादर पड़ गए हैं लॉकडाउन के कारन छोटे व्यापारी, पथ विक्रेता एवं चाय नाश्ता एवं अन्य तरह का छोटा व्यापार करने वाले व्यापारियों के लिए लॉक डाउन के कारण बड़ी परेशानी हो रही है। लॉक डाउन में ऑनलाइन सेलिंग करने वाली कंपनी को छूट देने से इलेक्ट्रॉनिक व्यापार, टीवी, फ्रिज, कूलर, मोबाइल, गारमेंट जैसे व्यापार ऊपर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगाम ऑनलाइन ट्रेडिंग में छूट देने से छोटे व्यापारियों में केंद्र सरकार के प्रति असंतोष एवं आक्रोश है। व्यापारी संघ के क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक से निवेदन किया कि संबंधित मामले में हस्तक्षेप कर छोटे व्यापारियों की बात केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास करें।
भारत सरकार द्वारा 20 अप्रैल से ऑनलाइन व्यापार की परमिशन देना दुर्भाग्यपूर्ण – रमेश हारोडे
Posted on by Vishal
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