- किसान प्रशिक्षण भवन की रखी नीव
- बैतूल जिले में शिक्षा के साथ उद्योग सृजन और स्वरोजगार के अवसर खोजने होंगे- पेट्रोलियम मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान






बैतूल। भारत भारती शिक्षा समिति जामठी, बैतूल में भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमि. के सहयोग से निर्मित भारत भारती प्राथमिक विद्यालय भवन, और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के सहयोग से 200 घनमीटर क्षमता वाले बायोगैस संयन्त्र के लोकार्पण और किसान प्रशिक्षण भवन का भूमि पूजन पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं इस्पात भारत सरकार के केन्द्रीय मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश जी सोनी, भा.ज.पा. के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सौदान सिंह, कृषि विकास मन्त्री श्री कमल पटेल के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और उनकी वंदना के साथ हुआ। इसके उपरान्त समिति के सदस्यों द्वारा मंच पर पधारे अतिथियों का स्वागत शाल और श्रीफ ल भेंट कर किया गया।
समिति के सचिव श्री मोहन नागर ने अपने स्वागत भाषण में इस समारोह में पधारे अतिथियों का अभिनन्दन किया और भारत भारती शिक्षा समिति में चल रहे विभिन्न प्रकल्पों के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में श्री धमेन्द्र प्रधान ने कहा कि वर्तमान समय निर्माण का समय है। भारत में ऐतिहासिक काल से ही यह क्षमता है कि वह अपनी सृजनात्मक विचारधारा के आधार पर विश्व का नेतृत्व करता आ रहा है। हमने विश्व को खेती करना सिखाया, खाद्यान के साथ औषधियों, फ ूलों की खेती में हमारा महत्वपूर्ण स्थान है। अब समय है ऊर्जा की खेती का।
वर्तमान समय में हमें 8 से 9 लाख करोड़ रूपये की ऊर्जा खरीदनी पड़ रही है। जिससे देश की अर्थ व्यवस्था पर एक बड़ा असर पड़ रहा है। ऊर्जा खपत के मामले में हमारा विश्व में तीसरा स्थान है, जो चिंताजनक है। देश का बजट प्रस्तुत करते समय वित्त मन्त्री जी ने भी यही कहा है कि हमें अब ऊर्जा की खेती करनी होगी। अर्थात हमें ऊर्जा प्राप्ति के संसाधनों की खोज कर उनके उचित दोहन को प्रोत्साहित करना होगा। इस हेतु भारत सरकार ने विभिन्न बायो डायवर्सिटी कंपनियों से संपर्क कर देश में 5000 बड़ी क्षमता वाले बायो ऊर्जा के प्लाण्ट स्थापित करने की योजना है।
श्री प्रधान ने कहा कि हमारे देश में धान, मक्का जैसी फ सलें अधिकतम उत्पादन की क्षमता से पैदा की जाती हैं। भारत सरकार की योजना है कि किसानों से ये खाद्यान्न खरीदकर इससे इथेनॉल बनाकर किसानों को और आत्म निर्भर बनाने का प्रयास किया जायेगा। जैविक ऊर्जा का यह सबसे अच्छा उपयोग सिद्ध होगा। बैतूल जैसे जिले में जहाँ खेती में नवाचार कर इसे उन्नत किया जाता है, हमें अब बैतूल जिले में शिक्षा केवल नौकरियाँ पाने के लिए नहीं चाहिये, बल्कि हमारी खेती को उन्नत बनाने, रोजगार के नये अवसर प्रदान करने वाली शिक्षा पर बल देना होगा। जिससे यहाँ नये कुशल उद्यमी तैयार हों। वहीं हमें प्रयास करना होगा कि कम से कम बिजली का उपयोग करें और साथ ही विद्युत निर्माण, जैविक ऊर्जा और इसके संचयन के तरीके खोजने होंगे। भारत भारती शिक्षा समिति के मार्गदर्शन में बाचा ग्राम में स्थापित सोलर कुकिंग सिस्टम इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह एक मॉडल के रूप में लोगों में ऊर्जा के उचित उपयोग और इसके निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी कदम सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में रा.स्व.संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश जी सोनी ने कहा कि बैतूल जैसे जिले में आकर हमें वास्तविक हरियाली के दर्शन होते हैं, बड़े-बड़े शहरों में हरियाली केवल दीवार की पेंटिंग तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति पढ़कर, सुनकर किसी भी बात को समझने का प्रयास करता है किन्तु वह देखकर ही किसी बात को जल्दी समझा सकता है। ग्राम विकास के एक मॉडल के रूप में भारत भारती संस्थान में चल रहे जैविक खेती, बायोगैस प्लाण्ट, देशी नस्ल की गौशाला, व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र, जैविक कृषि प्रशिक्षण केन्द्र आदि आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत का काम करेंगे। भारत भारती एक प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें विभिन्न कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षणों के माध्यम से पूर्णत: रसायन मुक्त, गौ आधारित खेती के नये अनुप्रयोग कृषकों को सिखाये जाते हैं। यह अनुकरणीय है।
श्री सोनी ने कहा कि भारत में ऋषि और कृषि की संस्कृति रही है। हमारी संस्कृति शोषण की नहीं बल्कि दोहन की है। भारत में विकास के लिए पूर्व से ही रचनात्मक विचारधारा के द्वारा खेती में नये प्रयोग, ऊर्जा के नये उपयोग करके हमने दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है।
विद्या भारती के प्रादेशिक सचिव श्री शिरोमणी दुबे ने भारत देश की विशेषताओं और इसकी नेतृत्व क्षमता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत भारती शिक्षा समिति जो प्रयास बैतूल जिले में कर रही है इससे प्रेरणा लेना चाहिए।
भारत पेट्रोलियम के कार्यकारी निदेशक श्री जयेश शाह ने कहा कि भारत भारती प्रकल्प के बारे में मेरी जो कल्पना थी, मैं यहाँ उससे अधिक देख रहा हूँ। हमने अपने एक छोटे से प्रयास से यहाँ 14 कमरे वाला एक विद्यालय भवन निर्माण में सहयोग किया है किन्तु यहाँ का वातावरण और भारत भारती विद्यालय से जुड़े 52 से अधिक ग्रामों के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की आवश्यकता को देखते हुए भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन की ओर से इसी भवन के ऊपर एक तल और निर्माण कार्य में वित्तीय सहयोग की घोषणा की।
अपने वक्तव्य में ओ.एन.जी.सी. से आये कार्यकारी निदेशक श्री एस.एस.सी. पार्थीबन भारत भारती संस्थान में चल रहे जैविक खेती और इसके प्रयोगों की प्रसंशा की।
कार्यक्रम का संचालन श्री जीतेन्द्र तिवारी ने किया और आभार विद्यालय के प्राचार्य श्री गोविन्द कारपेन्टर ने माना।
समारोह के समापन के उपरान्त केन्द्रीय मंत्री एवं समस्त पदाधिकारी सोलर ग्राम बाचा के अवलोकन हेतु रवाना हुए। बाचा पहुँचकर श्री प्रधान ने ओ.एन.जी.सी द्वारा स्थापित सोलर कुक स्टोव प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया। ग्राम चौपाल पर ग्रामीणों से चर्चा करते हुए यहाँ स्थापित सोलर कुक स्टोव की गुणवत्ता, इसके उपयोग आदि के बारे में जाना। ग्राम बाचा की ही अंगूरी धाकरे ने सोलर कुक स्टोव के संबंध में अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से हम ग्रामीण महिलाओं को प्रतिदिन भोजन बनाने के लिए लकडिय़ों की मशक्कत, धुऐं आदि से छुटकारा मिला है। मैं ग्राम बाचा की सभी महिलाओं की ओर से भारत भारती और ओ.एन.जी.सी. को धन्यवाद देती हूँ।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री प्रधान ने कहा कि कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार की कुसुम योजना के अन्तर्गत ग्रामीणों को सोलर पंप, सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने व साथ ही ग्राम के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले बड़ादेव मंदिर के भव्य निर्माण का आश्वासन दिया।
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