- जिला कार्यालय विजय भवन पहुंचे कृषिमंत्री का जोरदार स्वागत

बैतूल। भाजपा का लक्ष्य सत्ता परिवर्तन के माध्यम से व्यवस्था परिवर्तन करना है। इसी लक्ष्य को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार और प्रदेष की षिवराज सरकार काम कर रही है। उक्त विचार प्रदेष के कृषि मंत्री कमल पटेल ने शनिवार को जिला कार्यालय विजय भवन में कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। कृषि मंत्री बनने के बाद पहली बार भाजपा कार्यालय विजय भवन पहुंचने पर कार्यकर्ताओ ने कमल पटेल का जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद दुर्गादास उइके, विधायक डा.योेगेष पंडाग्रे, पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल, जिलाध्यक्ष आदित्य बबला शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष सूरजलाल जावलकर, पूर्व जिलाध्यक्ष वसंत बाबा माकोडे, पूर्व विधायक चंद्रषेखर देषमुख प्रमुखरूप से उपस्थित थे। श्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि हम राजनीति में समाज सेवा के लिए आए है। हमारे प्रेरणास्त्रोत पं.दीनदयाल उपाध्यक्ष ने हमे अंत्योदय का जो मंत्र दिया है हम उसी के लिए काम कर रहे है। श्री पटेल ने कहा कि कार्यकर्ता से बडा पार्टी में कोई पद नही होता है। भाजपा में कार्यकर्ता पदो के लिए नही गरीबो की सेवा के लिए काम करता है। इस दौरान कृषि मंत्री कमल पटेल ने केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए तीनो कृषि कानूनो के समर्थन में बात करते हुए कहा कि तीनो कानून किसनो के हित में लाए गए है। इन कानूनो के दम पर ही केन्द्र सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाना चाहती है। इस अवसर पर श्री पटेल ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार गरीबो को समर्पित सरकार है। इसीलिए गरीबो के कल्याण के लिए जो काम आजादी के 60 साल तक नही हुए उसे मोदी सरकार ने छह साल में किए है। प्रदेष सरकार की जन हितैषी योजनाओ की बात करते हुए कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि अब प्रदेष में चने की समर्थन मूल्य पर खरीदी गेंहू के पहले होगी जिससे किसानो को फायदा होगा। उन्होने कहा कि इसके साथ ही चने पर जो 25 क्विंटल खरीदी की सीमा थी वो भी समाप्त कर दी गई है। श्री पटेल ने कार्यकर्ताओ का आव्हान किया कि वे केन्द्र व राज्य सरकार के कामो को नीचे तक लेकर जाए और पात्र हितग्राहियो को लाभ दिलाने में अहम भूमिका निभाएं। स्वागत कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री जगदीष पंवार ने एवं आभार कोठीबाजार मंडल अध्यक्ष विक्रम वैद्य ने व्यक्त किया। स्वागत कार्यक्रम में जिले के सभी मंडल अध्यक्षो सहित पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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