भगवान राम के वंशज थे अजमीढ़ देव: संजय

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  • सादगी से मनाई जयंती, समाज के दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि

बैतूल। स्वर्णकार समाज के आराध्य देव अजमीढ़ देव की जयंती जिला मुख्यालय पर कोरोना वायरस की पाबंदियों के कारण सादगी से मनाई गई। शुक्रवार सुबह केसर बाग मैरिज लॉन में समाज के चुनिंदा लोगों ने अजमीढ़ देव की पूजा अर्चना की। आरती के बाद प्रसाद का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर समाज के दिवंगतों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
इस मौके पर अखिल भारतीय स्वर्णकार समाज जिला संगठन के अध्यक्ष समाज के जिलाध्यक्ष संजय सोनी ने कहा कि अजमीढ़ देव महान थे, उन्हें रामजी का वंशज कहा जाता है। अजमीढ़ देव ने ही सोने-चांदी की कारीगरी का प्रचलन शुरू किया था। आज यह उन्हीं की देन है। समाज के सचिव तरूण सोनी ने कहा कि भगवान अजमीढदेव के पदचिन्हों पर चलकर सामाजिक उत्थान किया जाए। मंच संचालन करते हुए मनोज सोनी ने कहा कि अजमीढ़ देव आदि पुरूष थे वे ब्रम्हाजी के पुत्र थे। उन्होंने ही स्वर्ण कला का ज्ञान सबको दिया। वे वैभवशाली जीवन जीया करते थे। उन्होंने कहा कि अजमीढ़ देव के चरित्र को सभी सामाजिक बंधुओं को जीवन में उतारना चाहिए। इस दौरान पिछले कुछ माह में दिवंगत हुए समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी किशनलाल सोनी, रवि सोनी, गौरी शंकर सोनी, बीएस सोनी, हीरापुर के प ानी में डूबने से मृत हुए समाज के दो बच्चों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में डॉ. श्याम सोनी, जयप्रकाश सोनी, संजय सोनी, पंकज सोनी, आतिश सोनी, तरूण सोनी, गणेश सोनी, कमल सोनी, डॉ. शैलेन्द्र सोनी, प्रदीप सोनी, मनीष सोनी, मोंटू सोनी, दिलीप सोनी शिक्षक, सुरेश सोनी, राम सोनी, मिश्रीलाल सोनी, सुनील सोनी, दिलीप सोनी, तनू श्री सोनी, कोमल सोनी, ममता सोनी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में समाज के जिलाध्यक्ष संजय सोनी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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