बैतूल। पति से अनबन के बाद दो बेटियों को कुंए में फेंकने वाली एक महिला को आज बैतूल के आमला स्तिथ कोर्ट ने उम्रकैद की सजा और 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
ये था पूरा मामला
महिला ने दो साल पहले 3 नवम्बर 2019 में अपनी बेटियों को कुएं में फेंका था। उसने मासूम बेटियों को कुएं में फेंकने के बाद खुद भी छलांग मार दी थी। लेकिन बाद में खुद बाहर निकल गई। लोक अभियोजक राजेश साबले ने बताया कि बैतूल के आमला विकासखंड के लालावाड़ी गांव में विवाहिता सीमा ने 3 नवम्बर की रात को अपनी आठ साल की बेटी पलक और छह साल की परी को कुंए में फेंक दिया। इसके बाद महिला खुद भी कुएं में कूद गई थी।
थोड़ी देर बाद महिला खुद कुएं से बाहर निकल आई। हादसे में पानी में डूबने के चलते दोनों बेटियों की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने महिला के पति अशोक की शिकायत पर महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इसी के चलते सोमवार को आमला कोर्ट में महिला सीमा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और दस हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
ये था कारण
घटना के समय यह बात सामने आई कि महिला अपने पति अशोक के चरित्र पर संदेह करती थी। उसे शक था कि उसके पति का उसकी भाभी से अवैध संबंध है। जिसके चलते पति-पत्नी के बीच अक्सर अनबन रहती थी। इसी बहस के चलते सीमा ने 3 नवंबर 2019 को अपनी बेटी को कुएं में फेंककर खुद भी कूद गई थी। लेकिन थोड़ी देर बाद वह कुएं से बाहर निकल आई।
+ There are no comments
Add yours