
चिचोली। अवैध खनन के मामले में बंसल कंपनी के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि सरकारी जमीन और किसानों के खेत खोदने के बाद अब वह जल संसाधन विभाग के गोधना जलाशय में वह जेसीबी और पोकलेन लेकर घुस गई है। पिछले कुछ दिनों में ही कंपनी ने वहां से करीब करीब दो हजार डंफर मटेरियल निकाला है। मामले की जानकारी मिलने के बाद भी खनिज विभाग चुनावी ट्रेनिंग की आड़ लेकर मौके पर जाकर कार्रवाई करने का जाकर तैयार नहीं है और राजस्व विभाग पर टालने की कोशिश कर रहा है। इधर दूसरी तरफ एसडीएम ने भी मामले की जानकारी और वीडियो खनिज विभाग को भेज दिया है मतलब वहां से भी कुछ होना जाना नहीं है। जबकि जल संसाधन विभाग का कहना है कि किसी भी सूरत में डैम के अंदर खनन नहीं किया जा सकता है।
चीफ सेक्रेटरी तक पहुंचा वीडियो
मामले को लेकर बताया गया कि बंसल का जो अवैध उत्खनन गोधना जलाशय में चल रहा है उसका वीडियो प्रदेश के मुख्य सचिव से लेकर कई आला अधिकारियों को भेजा गया है। वहीं जिला स्तर पर कलेक्टर, एसडीएम, कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन विभाग, जिला खनिज अधिकारी , तहसीलदार चिचोली को संबंधित ने भेजा है। मजेदार बात यह है कि बंसल कंपनी को पता है कि यह वीडियो किन- किन अधिकारियों को भेजा गया है और अधिकारियों के पास वीडियो चले जाने पर बुरा मान रहे हैं जबकि दूसरी ओर अवैध खनन का वीडियो एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पास भी गया है।
सोमवार शाम तक कोई नहीं पहुंचा मौके पर
बताया गया कि सुबह 11 बजे अधिकांश जिम्मेदारों के पास अवैध खनन की जानकारी और वीडियो पहुंचने के बावजूद गोधना जलाशय में जिस जगह पर अवैध खनन चल रहा है वहां प्रशासन का कोई कारिंदा नहीं पहुंचा है। ऐसी स्थिति में पटवारी से प्रतिवेदन बनवा लिया जाएगा और जिसमें अवैध खनन लिखा होगा लेकिन यह प्रतिवेदन एसडीएम के पास आएगा और उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। जैसा अब तक के अवैध उत्खनन के मामलों में किया जाता रहा है।
इनका कहना…
किसी भी सूरत में डैम के अंदर कोई भी खनन नहीं किया जा सकता है। इसमें अपराधिक प्रकरण बनता है। मैं चिचोली एसडीओ को निर्देश देता हूं कि मौके पर जाकर देखे और प्रतिवेदन बनाकर दें। साथ ही खनिज विभाग और राजस्व को सूचना दें।
एके डहेरिया, ईई जलसंसाधन विभाग बैतूल
मुझे एसडीएम से वीडियो मिला है मैं अभी इंस्पेक्टर भिजवाता हूं। (चार घंटे बाद) मेरे दोनों इंस्पेक्टर चुनाव ट्रेनिंग में लगे हैं। इसलिए किसी को नहीं भेजा है। हो सकता है एसडीएम किसी पटवारी को मौके पर भिजवा दें।
ज्ञानेश्वर तिवारी, खनिज अधिकारी
बंसल कंपनी को बैतूल जिले में खुला संरक्षण ही नहीं मिला। बल्कि प्रशासनिक सिस्टम उसके कर्मचारी की तरह काम कर रहा है। इसके कई उदाहरण है। खनिज विभाग तो किसी भी सूरत में बंसल कंपनी के खिलाफ कुछ नहीं करेगा। वहीं एसडीएम तो बंसल के मामले में कलेक्टर की भी नहीं सुनती है।
भारत सेन, अधिवक्ता, खनिज कानून एक्सपर्ट
कम्पनी के अवैध उत्तखनन को लेकर कार्यवागी की जा रही है।
प्रवीण भूमरकर एस डी ओ जल संसाधन विभाग
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