प्रभु को याद करो तो वह तुम पर दया देगा – पंडित संजय कृष्ण व्यास

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  • श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में पुण्य की पूजा सामने आती है

सारनी। सात से 14 वर्ष की उम्र जो होती है वह ज्ञान और ढालने की उम्र होती है यदि पिता के माध्यम से अपने पुत्र या पुत्री पर इन 7 से 14 वर्ष की उम्र में ध्यान दिया गया तो निश्चित तौर से उसका ध्यान प्रतिफल बनकर सामने आएगा। यह बात कथावाचक पंडित संजय कृष्ण व्यास ने श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा को संबोधित करते हुए कहा,उन्होंने कहा कि भौतिक युग में सब भगवान को भूलते जा रहे हैं जो अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि हाथी की सवारी लेकर राजा भले ही शहर में चले लेकिन भगवान का स्मरण करने वाले लोग घरों से मंदिरों से बाहर नहीं आते उन्होंने कहा कि भगवान से प्रीत कभी नहीं छूट सकती भगवान को यदि पाना है तो पुण्य और सत्कर्म करते रहना पड़ेगा श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ को संबोधित करते हुए पंडित संजय कृष्ण व्यास ने कहा की कथा में 18 हजार श्लोक है यदि 18 हजार श्लोक का स्मरण करना या सुना ही पुण्य की बराबरी में आता है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही बच्चों में संस्कार डाले जाते हैं धर्म के प्रति भी बच्चों में संस्कार डालने की आवश्यकता है कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। संगीत में भागवत कथा के दूसरे दिन पंडित संजय कृष्ण व्यास ने कहा कि सत्कर्म ही भगवान के पास जाते हैं उन्होंने कहा कि तुम यदि भगवान को याद करोगे तो भगवान याद के उल्टा दया करते हैं जिससे मनुष्य का जीवन सफल और बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि भगवान को हमेशा स्मरण करने से सद्मार्ग और जीवन बेहतर पद पर चलने का एक बेहतर स्थान और पाठ मिलता है। कथा के आयोजन समिति के मथुरा बाई सुने,शिवाजी सुने,कालिदास सुने ने बताया कि बाबा मठारदेव की असीम कृपा से सात दिवसी श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन उनके माध्यम से किया जा रहा है,उन्होंने पाथाखेड़ा वार्ड क्रमांक एक में निवास करने वाले लोगों से अपील की है की कथा स्थल पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर तथा का श्रवण करके भगवान कृष्ण के मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सादगुन रास्ते पर ले जाना चाहिए।

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