बैतूल. शाहरूख खान की अपकमिंग फिल्म पठान के गाने बेशर्म रंग में एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के भगवा रंग के छोटे-छोटे कपड़े पहनने को लेकर छिड़ा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर बायकॉट पठान ट्रेंड कर रहा है वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश में भी पठान फिल्म का विरोध हो रहा है। पठान के विरोध अब प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की एंट्री हो गई है बैतूल में उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए फिल्म पठान का विरोध किया और कहा कि भगवा रंग के कपड़े क्यों पहने गए।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने किया फिल्म ‘पठान’ का बायकॉट
बैतूल में शिवमहापुराण कथा कर रहे प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शनिवार को भोगीतेड़ा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि फिल्म पठान के गाने में एक्ट्रेस को भगवा रंग के ही क्यों कम कपड़े पहनाए गए। कम कपड़े पहनाने थे तो काला, नीला पहनाना चाहिए था। विरोध का कारण उन्होंने खुद पैदा किया। यहां किसी को फुर्सत नहीं है, किसी को पागल कुत्ते ने नहीं काटा है कि जबरन विरोध करेगा। पंडित मिश्रा ने कहा कि आप स्वयं सनातन धर्म और व्यक्ति को भगवा रंग पहनाकर जनमानस में लाना चाहते हैं। आप परिधान के साथ बेटियों का चरित्र दिखा रहे हो..आधा स्वरुप दिखा रहे हैं…उनका वस्त्र कम दिखा रहे हैं..क्या दिखाना चाहते हैं..क्या हमारे भारत की बहन बेटियां ऐसी हैं।
‘उनने कश्मीर नहीं देखी हम पठान क्यों देखें’
फिल्म पठान का विरोध करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि फिल्म को भारत में दिखाने के लिए बना रहे रहे हो तो फिर ऐसा क्यों किया। मेरे भारत भूमि की बेटियां ऐसा परिधान नहीं पहनती है, जो दिखाने का प्रयास कर रहे हो। इस तरह से दिखाकर उसे बदलना चाहते हैं। आप इससे दूर रहे और बचने का प्रयास करें। पंडित प्रदीप मिश्रा यहीं नहीं रुके और उन्होंने आगे कहा कि जब तुम कश्मीर देखने नहीं गए तो हम क्यो पठान देखने जाएंगे। नारी की शोभा उसका पूरा परिधान और सोलह श्रृंगार है। यह हमारी सभ्यता और संस्कृति है।
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