सारनी। गायत्री प्रज्ञा पीठ में वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन गुरु दीक्षा विद्यारंभ एवं अन्य संस्कार कराए गए कार्यक्रम के विषय में जानकारी देते हुए मुख्य प्रबंधक गुलाबराव पांसे ने बताया कि सनातन धर्म में जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत कई प्रकार के संस्कारों की परंपरा है प्रत्येक परिजन को जीवन को सफल बनाने के लिए आयु निर्धारित संस्कार समय-समय पर कराना कर्तव्य है उन्होंने बताया कि वार्षिकोत्सव में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि नारायण रघुवंशी , जिला समन्वय समिति के डॉ कैलाश वर्मा, दीपचंद मालवीय, रविशंकर पारखे, अजय पवार, धनराज धोटे, मंजीत, लक्ष्मी नारायण मालवीय, ट्रस्ट मंडल सदस्य एवं कार्यकर्ताओं की विशेष बैठक भी आयोजित की गई बैठक में सारनी नगर के आसपास के 24 गांवों के 1500 घरों में हर हर गंगे घर घर गंगे अभियान के तहत संपर्क कर अभियान से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया प्रवचन मंच से टोली सदस्य प्रमिला पांसे ,राधा चिल्हाटे ,रेखा काले, सुमित्रा झोड़ ,कुमारी कांति गुलवासे ने संग्राम जिंदगी है लड़ना उसे पड़ेगा गीत के माध्यम से बताया की कदम कदम पर कठिनाइयों से भरे जीवन में स्वयं के दुर्गुण , शारीरिक , मानसिक रोगों से बचाव के साथ-साथ निराशा , अन्याय तथा समाज में व्याप्त बुराइयों के विरुद्ध हिम्मत एवं उत्साह के साथ जुटे रहना चाहिए।कार्यक्रम में शाम को दीप यज्ञ का आयोजन तथा मंगलवार 15 दिसंबर को महायज्ञ की पूर्णाअहुति’ संपन्न होगी।
नव कुंडली महायज्ञ के दूसरे दिन गुरु दक्षिणा संस्कार हुए
Posted on by Vishal
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