दूरदर्शन पर रामायण का पुन: प्रसारण सराहनीय पहल

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सारनी। जनता की मांग पर कल से दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर अपने समय में लोकप्रिय रहा टीवी सीरियल रामायण का पुन: प्रसारण हो रहा है। गौरतलब है कि रामानंद सागर द्वारा निर्देशित धारावाहिक रामायण ने प्रसारण के दौरान विश्व स्तर पर अनेक कीर्तिमान स्थापित किए थे। रामायण धारावाहिक में चयनित लगभग सभी पात्रों के अभिनय और संवाद-कौशल ने लोगों को काफी प्रभावित किया था। कल से होने वाले रामायण के प्रसारण को लेकर लोगों में खासा उत्साह है और व्हाटसप, इंस्टाग्राम, ट्विटर,फेसबुक आदि सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रसन्नता प्रकट कर रहे हैं। नब्बे के दशक में दूरदर्शन प्रसारित धारावाहिक रामायण के दर्शक रहे लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।   
अंबादास सूने – लगभग 33 वर्ष पहले रामायण धारावाहिक शुरू हुआ। उस समय कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति  अच्छी नहीं थी।  ब्लेक एंड व्हाइट टीवी का जमाना था। ऐसे में रामानंद सागर द्वारा प्रस्तुत धारावाहिक रामायण ने भारतीय संस्कृति को विश्व में उचित सम्मान दिलाया है। रविवार को लगभग 9 बजे  सुबह जब धारावाहिक शुरू होता  था । बाजार वीरान हो जाते थे, टीवी के सामने बच्चों की भीड़  जमा हो जाती थी।सारनी में भी रामायण  देखने के लिए टीवी 4 हजार में लिया । वह भी किश्तों में। धारावाहिक शुरू होने के साथ ही सीता राम जी के चरणस्पर्श कर ध्यान से एक घंटे तक धारावाहिक देखते हुए हमारे महापुरुषों के चरित्र से समाज को सीखने का अवसर मिलता था। आज भारत सरकार द्वारा पुनः इस धारावाहिक  को शुरू करने का सराहनीय कार्य किया  है।  
राजेन्द्र तिवारी, प्राचार्य सरस्वती विद्या मंदिर – धारावाहिक के रूप में रामायण का पुन: प्रसारण एक सराहनीय पहल है । संकटकाल में रामकथा को देखनेऔर सुनने से हमारा आत्मबल बढ़ेगा। परिवारों में संस्कारक्षम वातावरण का निर्माण होगा। बच्चों को श्रीराम कथा को जानने और समझने का मौका मिलेगा।

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