दंपत्ति को जलाने वाला तांत्रिक गिरफ्तार, गुरूबहन एवं जीजा को लगाई आग

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  • पुलिस ने 12 घण्टे में किया खुलासा

सारनी। तांत्रिक ने अपनी गुरु बहन एवं जीजा को पेट्रोल डाल कर मारने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर तांत्रिक बाबा को 12 घण्टे में गिरफ्तार कर लिया है।पैसो के लेनदेन को लेकर तांत्रिक ने घटना को अंजाम दिया है। इस मामले का खुलासा एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान ने घोड़ाडोंगरी पुलिस चौकी में किया है। एसडीओपी श्री चौहान ने बताया कि प्रार्थी रामबाई पति रामराब धुर्वे उम्र 40 वर्ष निवासी सालीढाना की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी द्वारा जान से मारने के लिए पेट्रोल डाल कर आग लगाने की रिपोर्ट पर थाना सारणी मे अपराध क्रमांक 426/21 धारा 307 भादवि का पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना मे लिया गया। जांच के दौरान पीड़िता द्वारा बाबा मोतीनाथ पर संदेह व्यक्त किया गया था। घटनास्थल का निरीक्षण पर एक बांस की कुबड़ी पाई गई जिसकी पहचान पीड़िता एवं उसके पुत्र द्वारा की गई एवं बताया गया कि उक्त बांस की कुबड़ी/ लकड़ी मोतीनाथ बाबा की हैं। उक्त बाबा पीड़िका का गुरुभाई हैं एवं घर आना जाना हैं। प्रकरण मे पीड़ित रामराव पिता सुरजु धुर्वे निवासी सालीढाना की इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय मे मृत्यु हो चुकी हैं। जिससे प्रकरण मे धारा 302 भादवि बड़ाई गई। आरोपी तांत्रिक मोतीनाथ बाबा उर्फ धनसिंह धुर्वे की गिरफ्तारी के  पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद के निर्देशन एवं एसडीओपी सारणी महेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठन किया गया। गठीत दल द्वारा हर संभव स्थान पर तलाश की जाकर आरोपी मोतीनाथ बाबा उर्फ धनसिंह धुर्वे को हर्राढाना के जंगल से गिरफ्तार किया गया। तांत्रिक मोतीनाथ बाबा से पूछताछ करने पर बताया कि गुरुबहन रामबाई को मकान सुधारने के लिए 11000/- रुपये दिए थे जो कि वापस मांगने पर रामराव धुर्वे द्वारा गोली मारने की धमकी दी गई। जिससे गुस्से मे आकर रात्रि मे सोते समय पेट्रोल डाल कर आग लगा दी। उक्त घटना को अंजाम देते हुए आरोपी मोतीनाथ बाबा का हाथ भी जल गया था।
उपरोक्त आरोपी की पतारसी एवं गिरफ्तारी में उनि विजय सिंह ठाकुर थाना प्रभारी रानीपुर चौकी प्रभारी घोडाडोंगरी उनि रवि शाक्य, उनि अर्जुन सिंह उइके थाना रानीपुर तथा टीम सउनि बी.डी. मिश्रा,  प्र.आर. भजनलाल, प्र.आर. इस्तयाक अली, आरक्षक 475 सतीश वाड़िवा, आरक्षक 160 कैलाश हर्णे, आरक्षक 297 मुकेश ब्यालसे एवं आरक्षक राजेन्द्र धाड़से साइबर सेल का विशेष सराहनीय योगदान रहा।

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