छेड़छाड़ के मामले में आरोपी के जमानत आवेदन निरस्त करने की मांग

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  • आदिवासी कोरकू उन्नतशील समाज ने सौंपा ज्ञापन
  • उच्च स्तरीय जांच कर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग 

बैतूल। मोहदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झाकस में विगत दिनों एक अनाज व्यापारी द्वारा एक आदिवासी युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना की गई थी। इस मामले में आरोपी को कड़ी सजा दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार आदिवासी कोरकू उन्नतशील समाज ने महामहिम राष्ट्रपति, जनजाति आयोग सहित पुलिस महानिदेशालय भोपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अजजा अधिनियम के तहत कारित अपराध की धाराओं में आरोपी की जमानत आवेदन निरस्त करने की मांग की है। इस मामले में संगठन ने उच्चस्तरीय जांच करते हुए आरोपी को कड़ी सजा दिलाए जाने की भी मांग की है। आवेदक चैतराम कास्दे ने ज्ञापन में बताया कि मोहदा – थाने में दर्ज रिपोर्ट अनुसार 20 अक्टूबर को मोहदा थाना क्षेत्र के झाकस में एक अनाज़ व्यापारी भजनलाल राठौर निवासी दामजीपुरा ने युवती के साथ बुरी नियत से छेड़छाड़ की घटना कारित की गई है। जिसमें 354 ( क ), 451 भा.द.वि. 3 ( 1 ) डब्ल्यू -1 , 3 ( 2 ) पांच ( क ) अजा / अजजा अधिनियम की धारायें लगाई गई है जिसके अनुसार आरोपी को जमानत नहीं दिये जाने का प्रावधान नहीं है। आवेदक द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि आरोपी ने अपने आपको निर्दोष साबित करने के लिये आपसी लेन-देन एवं झूठे मनगढ़ंत मामले के आधार पर जमानत अर्जी लगाई गई है।–निरस्त किया जाए जमानती आवेदन–आवेदक का कहना है कि ऐसे जघन्य अपराध के आरोपी द्वारा जमानत के लिये प्रस्तुत आवेदन निरस्त किया जाए तथा प्रथम सूचना में लगाई गई अजा / अजजा की विभिन्न धाराओं के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि यदि भविष्य में माननीय न्यायालय द्वारा अजा/ अजजा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के ऐसे आरोपी को जमानत दी जाती है तो यह माना जायेगा कि थाना एवं माननीय न्यायालय फरियादी को न्याय दिलाने में विफल रहे है तथा ऐसे विभाग आरोपी को बचाने का एकमात्र माध्यम है। इसलिये भविष्य में यदि अजा/ अजजा अधिनियम के तहत यदि अनुच्छेद 244 ( 1 ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में अपराध होना पाया जाता है तो कोरकू समाज थाने में प्रकरण दर्ज न कर आदिवासी गांव में आदिवासियों का राज की अवधारणा के तहत आदिवासी कोरकू ग्राम चावड़ी ( जातिगत पंचायत ) के माध्यम से स्वयं न्याय व निराकरण अपने स्तर से किया जायेगा। वहीं भविष्य में अनुच्छेद 244 ( 1 ) के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में थानों एवं सरकार के विभागों का आदिवासी कोरकू गांवों से नियंत्रण / हस्तक्षेप एवं गैर आदिवासी व्यापारियों एवं एनजीओं आदि के गांवों में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा । जातिय ग्राम चावड़ी ( जातिगत पंचायत ) के अध्यक्ष के माध्यम से स्वायतता आधारित न्याय, विकास हेतु व्यवस्था अपने स्तर से की जाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष चैतराम कास्देकर, जिला सचिव नत्थू बेठे, सदस्य इमरत, मनोहरी दहीकर, दिनेश बारस्कर, शैलेंद्र, सहदेव, नामदेव, धनाराम, भगतराम, सुखदेव, लक्खू, पवन, भद्दू, संजू, राजेश, उमेश, हरीश, संजय, संतोष, गोलमन, सागर बारस्कर आदि शामिल है।

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