सारनी। कोरोना वाइरस की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री द्वारा आहुत जनता कर्फ्यू सफल रहा। ना पुलिस को डंडे चलाने पड़े ना कोई सख्ती हुई। लोग खुद ही घरों से बाहर नहीं निकले। ड्यूटी जाने वाले लोगों के अलावा शहर की सड़कें खाली रहीं। शाम को लोगों ने घरों से बाहर निकालकर शंख, थाली बजाकर कोरोना से लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस व स्वच्छता कर्मियों की हौंसला अफजाई की।
जनता कर्फ्यू को लेकर रविवार सुबह से ही माहौल शांत था। सुबह 9 बजे तक दूध और पेपर वालों के अलावा ड्यूटी जाने वाले नजर आए। इसके बाद सन्नाटा छा गया। चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर तक शांत था। शहर के पाथाखेड़ा, शोभापुर, बगडोना में भी शांति रही। इस दौरान व्यापारियों ने स्वस्फूर्त बंद का आह्वान किया था। इस बीच पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार एनाउंसमेंट कराया। दोपहर में एसडीओपी एआर चौधरी, तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा और टीआई महेंद्रसिंह चौहान ने गश्त की। पूरा बाजार बंद रहा। सारनी का साप्ताहिक बाजार भी नहीं लगा। एसडीओपी ने कहा इक्का-दुक्का लोगों के अलावा सभी ने पूरा सहयोग दिया। आगामी आदेश तक लॉकडाउन की स्थिति ही रहेगी।

गायत्री परिवार ने दिन भर किया घरों में अनुष्ठान
गायत्री परिवार से जुड़े 500 से ज्यादा परिजनों ने अपने घरों में अनुष्ठान किया। कोरोना वाइसर से लड़ने के लिए शांतिकुंज से जारी मंत्र के अलावा महामृत्युंज्य मंत्र की आहुतियां छोड़ी गईं।
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