कोरोना महामारी के संकट काल मे भी ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी में हुई गजब की बदरबाँट –उपसरपंच नितेश भुजवरे

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  • ग्राम पंचायत के उपसरपंच युवा नेता नितेश भुजवरे ने लगाए गम्भीर आरोप

घोड़ाडोंगरी। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के मुख्यालय की ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी अपने नए नए  कारनामे को लेकर हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है लेकिन विडंबना है कि ये कारनामे जनहित के लिए नही होते अपितु पँचायत में बैठे कुछ लोगो की आपस मे बदरबाँट की वजह होती है । बदरबांट के कारण ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी पूरे नियम कानून को एक तरफ रखकर कुछेक लोगो की हाँथ की कठपुतली बन गई है । जहाँ आपस मे बैठकर शासन के पैसे को केसे खुद की जेब मे डालना है इसको लेकर विचारविमर्श होकर अपनी अपनी जेब भरने का काम करते है और और इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात ये है कि शासन के पैसे निकालने के लिए जो बिल लगते है वो पूरे बिल या तो देखा जाए एक ही प्रतिष्ठान के होते है या फिर बिल लगा कि पैसे दुकानदार के खाते में डलवाकर उनसे नगदी वापस ले ली जाती है।
लेकिन अब इस पूरे मामले की जानकारी ग्राम पंचायत के उपसरपंच और भाजयुमो के पूर्व मण्डल अध्यक्ष नितेश भुजवरे को लगी तो उन्होंने ग्राम पंचायत के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है और एक एक कर अब सभी कार्यो की जानकारी उनमें कितना व्यय हुआ और कितने के बिल और किसके लगे इसकी जानकारी एकत्रित करने चालू कर दिए है । नितेश भुजवरे ने ग्राम पंचायत पर गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया कि कोरोना काल मे जब पूरा देश संकट में था और सम्पूर्ण देश मे लोक डाउन था तब हम लोगो ने नगर में सफाई के लिए कचरा गाड़ी चालू करवाई थी और लोक डाउन खत्म होने के बाद ये गाड़ी बन्द कर दी गई ।
लोक डाउन में ये कचरा गाड़ी लगभग 2 महीने चली जिसका प्रतिदिन का हिसाब 800 रुपये था ,जिस हिसाब से कचरा गाड़ी का बिल 48000 रुपए के आसपास बनना था लेकिन ग्राम पंचायत में बैठे कुछ रिश्वतखोरो ने इस विपरीत घड़ी में भी मानवता को तारतार कर शवकराधान से डेढ लाख के उपर का बिल अलग अलग दुकानों का लगा कर निकाल लिया ।
इस बारे में श्री भुजवरे पँचायत पर आरोप लगाते हुए बताते है कि उनको यह भी जानकारी लगी है कि कचरा गाड़ी वाले को जब आखिरी में 18000 रुपये का पेमेंट देना था तो पँचायत के एक कर्मचारी ने 58 हजार रुपये और 33000 रुपये गाड़ी वाले के खाते में से डाल कर उससे वापस ले लिए थे ।
इसके बाद पँचायत का खेल यही नही रुका घोड़ाडोंगरी के एक सीमेंट,और हार्डवेयर के दुकान का बिल लगा कर 26000 और 24000 रुपए निकाले गए।
अब जब ये पूरा मामला ग्राम पंचायत के उपसरपंच नितेश भुजवरे के सामने आया तो उन्होंने पँचायत के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर उच्चस्तरीय शिकायत कर जाँच की मांग की है।

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