- कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा में बढ़ेगी रौनक
सारनी। कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा में लगातार हो रही भूमिगत खदानों के बंद होने का सिलसिला थमता दिखाई नहीं दे रहा है। इसी बीच कन्हान क्षेत्र से तानसी भूमिगत खदान से 424 कर्मचारियों का प्रशासनिक स्थानांतरण कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा में होने पर क्षेत्र के श्रमिक संगठन और क्षेत्र में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है। बताया जाता है कि कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध विभाग के माध्यम से यह स्थानांतरण करने का कार्य किया गया है। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के संदर्भ क्रमांक वेकोलि/औसंवि/जश/स्था-11ए/2023/1865 /11 दिसंबर कोई यह पत्र जारी किया गया है और इस पत्र में 424 कर्मचारियों का स्थानांतरण पाथाखेड़ा क्षेत्र की विभिन्न खदानों में हुआ है। बीएमएस यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद सिंह ने बताया कि कन्हान क्षेत्र से आने वाले कर्मचारियों का कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा में स्वागत है उनकी छोटी बड़ी कोई भी समस्या हो उन समस्याओं के निराकरण के लिए बीएमएस यूनियन उनके साथ रहेगी उन्होंने बताया कि लंबे अरसे के बाद बड़ी संख्या में कन्हान क्षेत्र से 424 कर्मचारियों का स्थानांतरण पाथाखेड़ा होने से क्षेत्र में रौनक के साथ-साथ जनसंख्या की वृद्धि भी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि 424 कर्मचारियों के क्षेत्र में आने से लगभग लोगों की संख्या में इजाफा होगा जिससे क्षेत्र का व्यापार सहित अन्य व्यवस्थाओं में रौनक आने की संभावना से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी के झूंगी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रजीत सिंह ने बताया कि वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध विभाग के माध्यम से पाथाखेड़ा क्षेत्र में तानसी भूमिगत खदान से 424 कर्मचारी का स्थानांतरण किया गया है और इन कर्मचारियों के क्षेत्र में आने से क्षेत्र की रौनक बढ़ेगी व्यापार बढ़ेगा उन्होंने बताया कि प्रदेश में मंत्रिमंडल का गठन जल्द होगा और मंत्रिमंडल के गठन होने के बाद आमला विधानसभा क्षेत्र के विधायक सांसद के जरिए जल्द ही केंद्र में जाकर नई भूमिगत खदानों की सौगात को लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से मुलाकात और चर्चा करने का कार्य करेंगे जिससे क्षेत्र में जो पलायन का दौर मीडिया के माध्यम से होना बताया जा रहा है,वह पलायन का दौर थमेगा और क्षेत्र में रोजगार के संसाधन उपलब्ध होगे, उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र सुखाढाना में उद्योग स्थापित किए जाने को लेकर भी नई रणनीति तैयार की गई है नई इकाई स्थापित होगी उसमें भी स्थानीय लोगो के अलावा बहारी क्षेत्र के लोगों को रोजगार के संसाधन उपलब्ध होंगे।
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