- MP में अब तक चार केस, इनमें से एक स्वस्थ; तीन विदेश से लौटे थे
भोपाल। मध्यप्रदेश में बुधवार को दो नए कोरोना पॉजिटिव मिले। इनमें से एक जबलपुर, दूसरा इंदौर में पाया गया। अब प्रदेश में कोविड संक्रमितों की संख्या चार हो चुकी है। तीन केस इंदौर जबकि एक जबलपुर का है। जबलपुर में नॉर्वे से लौटी महिला कोरोना संक्रमित मिली। वहीं, इंदौर के दो मरीज हाल ही में मालदीव से लौटे थे। यहां मिले तीसरे मरीज की जानकारी फिलहाल स्वास्थ्य विभाग से नहीं मिल पाई है। अच्छी बात ये है कि इंदौर में मिले तीन संक्रमितों से एक इलाज के बाद स्वस्थ हो चुका है। ये पुष्टि नहीं हुई है कि ये चारों कोरोना के नए जेएन.1 सब वैरिएंट से संक्रमित हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने जेएन.1 सब वैरिएंट को लेकर अलर्ट जारी किया है। ये वैरिएंट अब तक के स्ट्रेन की तुलना में ज्यादा स्ट्रॉन्ग बताया जा रहा है। सरकार की गाइडलाइन में विदेश से लौटे वायरल फीवर के मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों को संक्रमण को नियंत्रित करने और मरीजों के इलाज के माकूल इंतजाम करने को कहा गया है। गाइडलाइन में कोरोना पेशेंट का इलाज करने वाले डॉक्टर्स, सैंपल लेने वाले मेडिकल स्टाफ और फ्रंट लाइन वर्कर्स को सर्दी, खांसी, बुखार (वायरल इन्फेक्शन) होने पर कोविड टेस्ट कराने के निर्देश शामिल हैं।
कोमोर्बिड पेशेंट को ज्यादा खतरा
इंदौर में एक हफ्ते में कोविड के 3 पेशेंट मिले हैं। यहां बुधवार को नया केस सामने आया। इससे पहले 13 दिसंबर को 33 वर्ष की महिला पॉजिटिव पाई गई थी। दूसरा 38 वर्षीय पुरुष है, जो 18 दिसंबर को पॉजिटिव पाया गया था। दोनों एक ही परिवार के हैं। वे पलासिया निवासी हैं और कुछ दिन पहले मालदीव से लौटे थे। इनमें से एक अब स्वस्थ हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के मुताबिक, को-मोर्बिडिटी (किडनी, हार्ट, लिवर, फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीज, सीनियर सिटीजन) कैटेगरी के पेशेंट्स को वायरल होने पर कोविड की जांच करानी चाहिए। अपडेट लेते रहें, ताकि सेहत बिगड़ने से पहले मरीज को जरूरी इलाज दिया जा सके। कोविड पेशेंट का सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग टेस्ट के लिए भेजा जाए ताकि वायरस की प्रकृति में हो रहे बदलावों की पहचान की जा सके। साथ ही संबंधित नए स्ट्रेन की जानकारी आईसीएमआर और एनआईवी पुणे को दी जा सके।
देश और प्रदेश में कोरोना की स्थिति
- मध्यप्रदेश में अभी कोरोना के कुल 3 एक्टिव केस हैं। एक इलाज के बाद स्वस्थ हो चुका है।
- मध्यप्रदेश में अभी तक कोरोना से कुल 10786 लोगों की मौत हो चुकी है।
- देश में कोरोना मामलों की कुल संख्या 4.50 करोड़ के पार हो गई।
- स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में रिकवरी रेट 98.81 प्रतिशत है।
- अब तक भारत में कोविड-19 से 5,33,316 लोगों की मौत हो चुकी है।
सरकार ने इन बातों को किया रेखांकित
- आने वाले त्योहारों को देखते हुए राज्यों को अपेक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय और अन्य व्यवस्थाएं करने की सलाह दी गई है।
- राज्यों को नियमित आधार पर एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (IHIP) पोर्टल सहित सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) मामलों की जिलेवार निगरानी और रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है, ताकि ऐसे मामलों की शुरुआती बढ़ती प्रवृत्ति का पता लगाया जा सके।
- राज्यों को सभी जिलों में कोविड-19 परीक्षण दिशानिर्देशों के अनुसार पर्याप्त परीक्षण सुनिश्चित करने और आरटी-पीसीआर और एंटीजन परीक्षणों की अनुशंसित हिस्सेदारी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
- राज्यों को आरटी-पीसीआर परीक्षणों की संख्या बढ़ाने और पॉजिटिव नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भारतीय एसएआरएस सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) प्रयोगशालाओं में भेजने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- राज्यों को अपनी तैयारियों और प्रतिक्रिया क्षमताओं का जायजा लेने के लिए ड्रिल करने की सलाह दी।
प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट्स की हालत खराब
स्वास्थ्य विभाग की कोविड हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्टेटस रिपोर्ट में मध्यप्रदेश में लगाए गए 34 प्रतिशत ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट बंद (नॉन फंग्शनल) होने का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के मॉकड्रिल डेटा के आधार पर तैयार की गई है। स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की सबसे ज्यादा खराब स्थिति सागर संभाग में है। यहां अस्पतालों में लगाए गए 64.70 प्रतिशत प्लांट नॉन फंग्शनल हैं। उज्जैन संभाग में 42.85 प्रतिशत और ग्वालियर संभाग में 36.58 प्रतिशत ऑक्सीजन प्लांट वर्किंग नहीं हैं। शाजापुर जिले में कोरोना मरीज के लिए आईसीयू में एक भी बेड नहीं है। सिंगरौली के अस्पतालों में 108 और शहडोल में अस्पतालों में 12 आईसीयू बेड हैं लेकिन ये नॉन फंग्शनल हैं।
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