आमला। शहर में राजस्व अधिकारियों की अतिक्रमणकारियों पर मेहरबानी से आम नागरिकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है पूरा का पूरा शहर अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया लेकिन राजस्व अधिकारी व कर्मचारी सिर्फ शिकायत ना मिलने का बहाना बनाकर अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर लेते हैं। अगर कहीं शिकायत मिल भी जाए तो यह अधिकारी शिकायतकर्ता का नाम पता सहित पूरी जानकारी अतिक्रमणकारियों को दे देते हैं ताकि अतिक्रमणकारियों एवं शिकायतकर्ता आपस में लड़ झगड़कर मामले की दुसरी दिशा मे मोड़ दे सूत्रों की अगर मानें तो शिकायतें होने पर राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है ताकि शिकायत के नाम पर वे अपना काम जमा सकें ऐसे एक नहीं कई उदाहरण है जहां पर शिकायत होने पर यहां तक की राजस्व अधिकारी स्वयं यह मानने के बाद की हां अतिक्रमणकारी ने अतिक्रमण किया है और उस पर सख्त से सख्त कार्यवाही जरूर होगी बावजूद उसके कार्यवाही के नाम पर थोड़े दिन अतिक्रमणकारी को शांत रहने का कहकर अपना काम बना लिया जाता है और कुछ दिनों के बीत जाने के बाद वही अतिक्रमणकारी अपने पैर पसार लेता है।
शासकीय कार्यालयों की जमीन पर कब्जा
शहर में लगभग हर शासकीय कार्यालय की बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है ऐसा भी नहीं की शासकीय कार्यालय के मुखिया के द्वारा राजस्व अधिकारियों को इस बात की सूचना नहीं दी जाती लेकिन राजस्व अमले द्वारा गंभीरता से कारवाही करने के बजाए सिर्फ और सिर्फ कागजी कार्यवाही कर खानापूर्ति कर दी जाती है।
+ There are no comments
Add yours