- फर्जी शिकायत में संलिप्त अधिकारीयो और कर्मचारियों ने मचा हड़कंप
- जांच दल के सामने किये की माफी मांगते नजर आए कर्मचारी
घोड़ाडोंगरी. नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में सीएम हेल्पलाइन के सम्बंध में बड़ा फर्जीवाडा का जिन्न निकल के बाहर आया है शनिवार को कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के निर्देश पर नगरीय प्रशासन के पीओ डूडा द्वारा जांच दल गठित कर नगर परिषद घोड़ाडोंगरी भेजा गया था जांच दल के घोड़ाडोंगरी नगर परिषद आते है नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में अधिकारी और कर्मचारियों में मानो हड़कंप सा मच गया था.
ज्ञात हो नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में कई दिनों से ग्रेडिंग बढ़ाने के चक्कर मे और कामो की प्रोग्रेस दिखाने के लिए सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया जा रहा था जिस पर परिषद के ही कर्मचारियों द्वारा खुद के मोबाइल और परिवार के सदस्यों के मोबाइल से फर्जी तरीके से सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर उसका तत्काल निराकरण कर क्लोजिंग कर दिया जाता था इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत जब भाजपा के पार्षदो को लगी तो भाजपा पार्षद नेहा दीपक उइके के नेतृत्व में पार्षदो के प्रतिनिधि मंडल और भाजपा जनजाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री दीपक उइके के साथ इसकी शिकायत जिला कलेक्टर को की गई थी जिस पर सबूत सहित प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को पूरे फर्जी शिकायत का चिट्ठा सोपा था सीएम हेल्पलाइन की इस फर्जी शिकायत के बाद कलेक्टर ने गम्भीरता से लेते हुए जांच टीम गठित करने के आदेश दिए थे कलेक्टर के आदेश पर शनिवार दोपहर बाद जांच टीम परिषद पहुची जहां पर जांच टीम द्वारा शिकायतकर्ता भाजपा के पार्षदो और भाजपा नेता दीपक उइके से पूरे फर्जी शिकायत की बारीकी से जांच पड़ताल की गई जांच टीम को भाजपा नेता और पार्षदो द्वारा एक एक कर्मचारी के नाम और शिकायत नम्बर और किस वार्ड में क्या शिकायत की इसकी जानकारी दी गई जब जांच टीम ने इसकी जानकारी परिषद के अधिकारियों दसे ली गई तो लगभग सभी कर्मचारी वहां उपस्थित पाए गए तब जांच टीम द्वारा एक एक कर बन्द कमरे में सभी कर्मचारियों के बारी बारी से बयान लिए इस पूरे जांच के दौरान अधिकारी और कर्मचारी में हड़कंप सा मच गया और फर्जी शिकायत से मना करते हुए कर्मचारियों एक दूसरे के दबाव में झूठी शिकायत की बात करते रहे और अपने किये की माफी मांगते रहे.
इस दौरान नगर परिषद के कर्मचारियों ने लगभग पूरी शिकायत दबाव में आकर किये जाने की बात कही और कहा कि हमे नोकरी से बाहर निकाले जाने की धमकी देकर हमारा मोबाइल लिया जाता था और हमारे मोबाइल से शिकायत की जाती थी जांच टीम ने सभी कर्मचारियों लिखित जबाव और वीडीयो बनवाकर बयान लिए गए जिसमे छोटे कर्मचारियों में हड़कंप सा मच गया और तरह तरह की बाते सामने निकल के बाहर आई जानकारी के अनुसार नियमित सहायक ग्रेड 2 नारायण घोरे जो की बैतूल के निवासरत अधिकारी है उनके द्वारा शिकायत की गई है की वार्ड क्रमांक 05 में नाला की सफाई नहीं की जा रही है जिसमे जांच अधिकारी को बयान में बताया गया है मेरा मोबाइल सीएम हेल्पलाइन प्रभारी सागर द्वारा की गई है इसके
शिक्षा विभाग की अनुकंपा नियुक्ति से नगर परिषद कार्यरत अंकुर तेलकर बैतूल निवासी जो की परीक्षा अवधि रहते हुए नौकरी की चिंता ना करते हुए सीएम हेल्पलाइन पर वार्ड क्रमांक 7 में नल जल योजना सम्बन्धित फर्जी शिकायत की गई जबकि वार्ड नंबर 7 में किसी भी प्रकार की नल जल योजना नहीं होने के बाद भी पोर्टल पर शिकायत निराकरण संतुष्टि पूर्वक कर बंद करवाई गई.
इस पूरे फर्जी शिकायत पर आक्रोशित भाजपा पार्षदों का कहना है की जब इस तरह फर्जी शिकायत हो रही है और फिर कुछ दिनों बाद शिकायत का निराकरण कैसे हुआ और जो वार्ड में शिकायत कर्मचारियों द्वारा की गई वो योजना उस वार्ड में उपलब्ध नहीं हैं फिर शिकायत का निराकरण कैसे हुआ.
परिषद में सीएम हेल्पलाइन का काम देख रहे प्रभारी खुद झूठी शिकायत में लिप्त है और उनके द्वारा बताया गया की हमे सीएमओ सर और शिवप्रकाश बिंझाड़े द्वारा दिए जा रहे दबाव में मजबूरी में शिकायत दर्ज करवाते है इस मामले में आवक जावक शाखा देख रही परिषद की कर्मचारी मुस्कान पटवा जो भोरा की मूलनिवासी है और प्रतिदिन अपडाउन करते हुए नोकरी कर रही है उनका कहना है कि मेरे द्वारा शिकायत दर्ज की गई और जब जवाब मांगा गया तो उनके द्वारा कहा गया की में सर्वे कर रही थी तो मुझे कुछ लोग मिले उन्होंने समस्या बताई तो मेने उनकी समस्या सुनकर 181 पर शिकायत दर्ज कर दी. घोड़ाडोंगरी नगर परिषद कांग्रेस की गठित नगर परिषद है जिसमे अधिकारियो बेलगाम होकर भ्रष्टाचार चरम सीमा पर कर रहे है.
इसी के चलते घोड़ाडोंगरी नगर परिषद के प्रभारी ऋषिकांत यादव बहुत ही चर्चा में है अपने मनमाने तरीके से अधिकारी और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर सीएम हेल्पलाइन करवाकर और उन्हीं कर्मचारियों से निराकरण कर खुद ही बंद भी करवा देते है जिससे सूत्रों से जानकारी मिली की महीने की 20 तारीख से महीने की अंतिम तारीख तक सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत करने की मोहलत देते है और शिकायत नही करने पर या तो तनख्वाह काटने या नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है.
पीओ डूडा उप संचालक नगरीय प्रशासन विकास अधिकारी के द्वारा के तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है जिनके निर्देश पर हम आज घोड़ाडोंगरी नगर परिषद पहुंचकर सीएमओ ऋषिकांत यादव की सीएम हेल्पलाइन पर झूठी शिकायत खुद करवाकर बंद कर दी जा रही है जिससे ग्रेडिंग बढ़ाने की ऐसी शिकायत हुई प्राप्त हुई थी जिसकी जांच कर हमारे द्वारा कर्मचारियों की लिखित बयान और वीडीयो क्लिपिंग द्वारा ली गई है और उच्च अधिकारयों को पार्षद गण द्वारा शिकायत की गई उनके भी बयान प्राप्त कर जांच रिपोर्ट हमारे उच्च अधिकारी को सोप दी जाएगी.
जांच अधिकारी नीरज धुर्वे
मेरे वार्ड कर्मांक में नल जल योजना नहीं है उसके बाद भी परिषद कर्मचारी द्वारा 181 पर शिकायत की गई और खुद कर्मचारी द्वारा समस्या का निराकरण 181 पर किया गया है
सुरेन्द्र चौहान पार्षद वार्ड क्रमांक 11
मेरे और सभी भाजपा पार्षद साथियों द्वारा कलेक्टर महोदय से मिलकर सीएमओ ऋषिकांत यादव द्वारा सीएम हेल्पलाइन 181 पर फर्जी शिकायत कर निराकरण कर दिया रहा है और वास्तविक शिकायत पर ध्यान ना देकर फॉर क्लोज कर दिया जाता है मौखिक और लिखित लेटर शिकायत की गई थी कलेक्टर महोदय द्वारा आश्वासन दिया गया था कि 7 दिनों में जांच कर कार्यवाही की जाएंगी जांच टीम ने आकर जांच की है दोषियों पर कार्यवाही की उम्मीद है
नेहा दीपक उइके पार्षद शिवाजी वार्ड क्रमांक 07
(बयान-यह जांच का मामला मेरे संज्ञान में नही है मीरावन्ती नन्दकिशोर उइके अध्यक्ष ,नगर परिषद घोड़ाडोंगरी)
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