
चिचोली। मंगलवार को विश्व आदिवासी दिवस समस्त आदिवासी अधिकारी कर्मचारी संघ की ओर से विश्व आदिवासी दिवस पारंपरिक एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मुख्य समारोह नगर के तप श्री खेल मैदान पर आयोजित हुए। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समस्त आदिवासी अधिकारी कर्मचारी संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जल पात्र कलश आराधना , भगवान बिरसा मुंडा रानी दुर्गावती टंट्या भील डॉ बाबासाहेब आंबेडकर के छायाचित्र पर पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान अतिथियों का सम्मान, बुजुर्गों का सम्मान एवं समाज के सभी उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों का हल्दी तिलक एवं गमछा देकर सम्मान किया गया विश्व आदिवासी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. रमेश काडिरिया ने विश्व आदिवासी दिवस को मूल रूप से समझाते हुए कहा कि आदिवासी समाज द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हमें एकजुट होकर बच्चों को शिक्षित करने का काम करें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें बच्चों को शिक्षा रूपी संस्कार डालिए संस्कार जो बड़े लोगों का सम्मान करें जब तक मान सम्मान बड़े बुजुर्गों का नहीं करेगे वे आगे नहीं बढ़ पाएंगे जो बच्चे स्कूल जाते हैं उन्हें पहले नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाएं। समाज है तो हम हैं संस्कृति की पहचान से संस्कृति बची रहेगी। आपकी भाषा बची रहेगी आपके रीति रिवाज बचे रहेंगे समाज में एकजुटता का परिचय दें।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विधायक गंजन सिंह कुमरे, चिरौंजी लाल कवडे , सुरका सिंग उईके, पतिराम कुमरे, दामजी उईके, महेश उईके, जनपद अध्यक्ष सरस्वती काकोडिया, सावित्री उईके, मिलाप सिगं, गनपत सिगं रामदिन ईवने, ओमप्रकाश अतुलकर, राजुपंडाग्रे, सपना ईवने, रगां बाई प्रेमलता करोचे ,सुनिल करोचे ,डोमासिगं कुमरे राजकुमार काकोडिया, राकुमार उईके ,सुरेन्द्र कुमरे पवन परते ,संतोष टेकाम ,नोमेश इवने हीरासिगं कुमरे हेमराज उईके , बड़ी संख्या में आदिवासी समाज की महिला बच्चे युवा एवं बुजुर्ग शामिल रहे।
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