कलयुगी पिता को हुआ आजीवन करावास

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सारनी। शोभापुर कालोनी में दो नाबालिग बच्चियों से दुराचार करने वाले कलयुगी पिता को न्यायलZय ने आजीवन करावास एवं 3 हजार जुर्माना किया है।टीआई महेंद्र सिह चौहान ने बताया कि शोभापुर में एक कलयुगी पिता अपनी दो बच्चियों से दुराचार करने कि शिकायत मिलते ही आरोपी को पकड़ कर आरोपी के खिलाफ धारा  376/एबी/376/2/376/2एफ के तहत कार्यवाही की थी। उन्होंने कहा की दो सगी नाबालिग बेटियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी कलयुगी पिता को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये कारावास) एवं 3,000 /- रुपये से दण्डित किया गया। टीआई श्री सिह ने कहा की  10 एवं 12 वर्षीय दो बेटियों के साथ तीन वर्ष तक लगातार डरा- धमकाकर बलात्कार करने वाले आरोपी पिता 43 वर्ष निवासी थाना सारणी क्षेत्र को धारा 376 (एबी), 376 (2) (एन) एवं 376(2)(एफ) भा0द0वि0 में आजीवन कारावास ( जो अभियुक्त के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास होगा ) एवं एवं कुल 3,000/- रुपये के जुर्माने से दण्डित किया । प्रकरण में म0प्र0 शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक एस.पी.वर्मा एवं विशेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाश सूर्यवंशी के द्वारा पैरवी की गयी । प्रकरण की पैरवी में वरिष्ठ ए0डी0पी0ओ0 श्रीमति वंदना शिवहरे के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया एवं प्रकरण की विवेचना उनि0 अल्का राय थाना -सारणी के द्वारा की गयी थी ।
बताया जाता है की  10 एवं 12 वर्षीय पीड़िता अपने आरोपी पिता के साथ सारणी थाना क्षेत्र के अंतर्गत निवास करती थी । आरोपी पिता के द्वारा परेशान करने के कारण पीड़ित बच्चियों की माँ अर्थात् आरोपी की पत्नि उसके मायके चली गई थी । वर्ष 2016 से लेकर घटना की रिपोर्ट लेख कराने के कुछ समय पूर्व तक आरोपी ने अपनी दोनों सगी बेटियों के साथ लगातार डरा- धमकाकर बलात्कार किया । पीड़ित बच्चियों ने घटना के बारे में अपने दादा- दादी को जानकारी दी पर उन लोगों ने पीड़ित बच्चियों की बात पर विश्वास नहीं किया । पीड़ित बच्चियों ने दिनांक 27.04.2019 को पुलिस थाना सारणी जाकर अपने पिता के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई । दोनों बच्चियों की रिपोर्ट पर अलग-अलग प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई । पुलिस नें पीड़ित बच्चियों का मेडिकल परीक्षण करवाया था । जिसमें उनके साथ लगातार बलात्कार किये जाने की पुष्टि हुई थी । आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था । विचारण में अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया । जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपी को दण्डित किया गया।

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