- रायसेन से लेकर आये थे कछुआ, खेत के पास से कछुए की शेल, हड्डियां मिलीं
सारनी। वन विभा की टीम ने पुनर्वास क्षेत्र चोपना के विष्णुपुर गांव में मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कछुए के मांस की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों ने रायसेन जिले से कछुआ लाकर विष्णुपुर में उसका मांस बेचा है। वन विभाग ने तीनों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत केस पंजीबद्घ किया है। वनमंडलाधिकारी उत्तर बैतूल (सा०) राकेश कुमार डामोर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम शिवसागर तहसील घोडाडोंगरी निवासी संजित राय द्वारा कछुएँ का मांस बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर वनमंडलाधिकारी के निर्देशन एवं उपवनमंडलाधिकारी सारनी (सा०) के मार्गदर्शन में दल का गठन किया गया एवं प्रकरण कीजांच करने हेतु भेजा गया| गठित टीम के दल प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी सारनी (सा०) अमित साहू एवं स्टाफ द्वारा ग्राम शिवसागर में संजित राय एवं विष्णुपुर निवासी विजय घोष के घर गये एवं वहां से उन्हें पूछताछ हेतु वन विश्राम गृह घोडाडोंगरी लेकर आये। पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्तियों द्वारा अपना अपराध स्वीकार किया गया एवं दोनों अपराधियों द्वारा यह भी बताया गया, कि वह पिछले माह 18 मार्च 2022 को भी 1 कछुआ लाकर उसका मांस बेच चुके है। मृत कछुए का शेल जहां छुपाया था, उसको भी जप्त कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों अपराधियो द्वारा बताया गया, कि वह उस कछुएँ को सुल्तानपुर जिला रायसेन निवासी गणेश मांझी के खेत से लेकर आये थे। गणेश मांझी के मोबाईल की लोकशन के आधार पर गठित दल सुल्तानपुर जिला रायसेन गया एवं वहां से गणेश मांझी को पूछताछ हेतु परिक्षेत्र कार्यालय सारनी लाये। पूछताछ में गणेश मांझी के द्वारा भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया गया है। तीनों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण
अधिनियम 1972 की धारा 02 की उपधारा (1), (5), (16), (20) (37), धारा 09, 40, 48, 51 के तहत् वन अपराध प्रकरण क्रमांक 744/32 कायम किया गया है।
गैरजमानती अपराध, आरोपियों को होगी 7 साल की सजा
मृत कछुऑं इंडियन सॉफ्ट शेल कछुआ है। जिसे स्थानीय भाषा में पातल भी कहते है। उक्त कछुऑं वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत शेडयूल 1 प्रजाति में आता है। जिसको पकड़ने एवं मारने का अपराध गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। जिसमें 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
कछुए का मांस खरीदने वालों पर भी करवाई की तैयारी
आरोपियों के मोबाईल से ली गई जानकारी के आधार पर आरोपियों द्वारा मांस किन-किन लोगों को बेचा गया उसकी जानकारी निकाली जा रही है। उक्त कार्यवाही में सम्मिलित दल के सदस्य नितेश शर्मा (प्रशिक्षु) वन क्षेत्रपाल परिक्षेत्र सहायक सारनी, हवसुलाल उड़के, वनपाल, श्रीमती प्रेमावती वर्ठी वनरक्षक, कु ललिता धुर्वे वनरक्षक, देवेन्द्र प्रकाश मालवीय, वनरक्षक, रवि पर्वार, वनरक्षक, श्री किशोरी वरकडे, वनरक्षक है।
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